प्राथमिक विद्यालय गौरबहरी में कमरा एक,दर्ज 82 कैसे करें बच्चे पढाई

प्राथमिक विद्यालय गौरबहरी में कमरा एक,दर्ज 82 कैसे करें बच्चे पढाई
जिले के विकासखण्ड तमनार के प्राथमिक विद्यालय गौरबहरी के बच्चे भवन की कमी का दंश झेल रहे हैं।जहा स्कूल भवन के नाम पर मात्र एक अतिरिक्त भवन मे एक ही कमरा है जहां बच्चो की दर्ज संख्या 82 है। अब एक ही कमरा मे 82बच्चो को कैसे बिठाया जाये? कोविड गाइडलाइन का पालन कैसे किया जाए? बच्चो की पढाई कैसे हो? सोचने वाली बात है।
जब प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक से बात किया गया तो उन्होने बताया की पिछ्ले 10वर्षो से विद्यालय के नाम पर एक ही कमरा है जिसमे कक्षा 1,2और 3 तीनों कक्षा को पढाया जाता है तथा कक्षा 4थी 5वी को मिडिल स्कूल से प्रधान पाठक कक्ष को माँगकर उसी मे संचालित किया जा रहा है जो की प्राथमिक शाला से लगभग 100मीटर की दुरी पर स्थित है ।जिससे बच्चो की पढाई प्रभावित हो रही है।स्कूल के जरूरी सामानो को रखने की जगह भी नही जिससे सभी कागजात को मिडिल स्कूल में ही रखा जा रहा है।जिससे प्राथमिक शाला के साथ साथ मिडिल स्कूल को भी परेशानी झेलना पड़ रहा है।साथ ही स्कूल मे बाउंड्री वाल भी नही है पीने के पानी की भी व्यवस्था नही है।
एक ही कमरें में कक्षा एक, दो व तीन के छात्र-छात्राओं को फर्श पर बैठाकर पढ़ाया जाता है। सामान रखने पर कम ही बच्चे पढ़ सकेंगे, इसलिए उन्हें उन्हें दरी बिछाकर फर्श पर बैठाया जाता है।

हालांकि ठंड व अन्य मौसम में बच्चे कक्षा से बाहर पेड़ के नीचे पढ़ते हैं। लेकिन बारिश मे , प्रचंड गर्मी की वजह से उन्हें कमरे में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। एक कमरे में अधिक बच्चों की भीड़ होने से वह पसीने से तर-बतर रहते हैं। उनके माथे का पसीना किताब व कॉपियों पर गिरता है, जिससे वह फट जाती है और कॉपियों में लिखने में भी उन्हें परेशानी होती है। विद्यालय के पास भवन निर्माण कराने के लिए प्रर्याप्त जमीन है। बच्चों की भी अच्छी-खासी तादाद है। अगर विद्यालय में कमरे का निर्माण करा दिया जाता तो बच्चों की परेशानी दूर हो जाती।


