मां कात्यायनी की पूजा से मिलता है अच्छा जीवनसाथी, जानें पूजाविधि, भोग, मंत्र और आरती

मां कात्यायनी की पूजा से मिलता है अच्छा जीवनसाथी, जानें पूजाविधि, भोग, मंत्र और आरती
तमनार @संदेशा 24
नवरात्रि का आज छठवां दिन है। मां कात्यायनी की पूजा का विधान है। दुर्गा सप्तशती में मां कात्यायनी की पूजा के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है। दुर्गा सप्तशती के मध्य चरित्र, जिसमें महिषासुर का उल्लेख मिलता है उसका वध करने वाली देवी मां कात्यायनी ही हैं। मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप ने ही महिषासुर का वध किया था।

इसलिए, लोग उन्हें महिषासुर मर्दनी भी कहते हैं। आइए जानते हैं मां कात्यायनी की पूजाविधि, भोग, मंत्र और आरती, मां दुर्गा का छठा रूप मां कात्यायनी हैं। आज नवरात्रि के छठवें दिन उनकी पूजा होती है।

ऋषि कात्यायन के घर जन्म होने से उनका नाम कात्यायनी पड़ा। मां कात्यायनी की पूजा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष, इन चारों पर विजय प्राप्त करने की शक्ति मिलती है। नवरात्रि में देवी कात्यायनी की पूजा का खास महत्व होता है। मान्यता है कि नवरात्रि में देवी कात्यायनी की पूजा करने से माता भक्तों को साहस और शक्ति देती हैं। साथ ही यह भी माना जाता है कि कुंवारे लड़के और लड़कियां मां कात्यायिनी की पूजा पूरे विधि विधान से करते हैं, तो उन्हें सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।



