इंडस्ट्री और अकादमिक साझेदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को मिला ‘एक्सेलेंस इन इंडस्ट्री–अकेडेमिया इंटरफेस’ अवार्ड

इंडस्ट्री और अकादमिक साझेदारी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को मिला ‘एक्सेलेंस इन इंडस्ट्री–अकेडेमिया इंटरफेस’ अवार्ड
@ दिल्ली में आयोजित 33वें ‘वर्ल्ड एजुकेशन समिट–2025’ में कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने ग्रहण किया सम्मान
तमनार @संदेशा 24
शिक्षा और उद्योग के मध्य सशक्त सहयोग की दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ को प्रतिष्ठित ‘एक्सेलेंस इन इंडस्ट्री–अकेडेमिया इंटरफेस’ अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय को दिल्ली में आयोजित 33वें Elets ‘वर्ल्ड एजुकेशन समिट–2025’ के दौरान प्रदान किया गया।

इस सम्मान को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने एक भव्य समारोह में ग्रहण किया, जहाँ देशभर के शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों की उपस्थिति रही। यह अवार्ड विश्वविद्यालय द्वारा उद्योगों के साथ किए गए नवाचारपूर्ण सहयोग, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स, इंटर्नशिप अवसरों, और प्रैक्टिकल-ओरिएंटेड शिक्षा की पहल को मान्यता देने के लिए दिया गया। डॉ. आर. डी. पाटीदार ने पुरस्कार प्राप्ति के उपरांत अपने वक्तव्य में कहा, “यह सम्मान न केवल हमारे विश्वविद्यालय की टीम के अथक प्रयासों का परिणाम है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि शिक्षा और उद्योग के बीच गहरा और व्यावहारिक संबंध छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कितना आवश्यक है। हम भविष्य में भी इसी दिशा में कार्य करते रहेंगे।“उन्होंने कहा कि ओपी जिंदल विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे शैक्षणिक प्रयास कर रहा है जो छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करें, बल्कि उन्हें उद्योग के लिए तैयार करें। विश्वविद्यालय द्वारा उद्योगों के साथ MoUs, लाइव प्रोजेक्ट्स, रिसर्च इनोवेशन एवं फील्ड एक्सपोजर जैसे कार्यक्रम छात्रों को एक वास्तविक दुनिया का अनुभव प्रदान करते हैं।

डॉ. आर. डी. पाटीदार ने इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए विशेष रूप से जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी तथा विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल जी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे उनका मार्गदर्शन, समर्थन और प्रोत्साहन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। डॉ. पाटीदार ने यह भी उल्लेख किया कि श्री नवीन जिंदल जी एवं श्रीमती शालू जिंदल जी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षा और उद्योग के बीच एक सशक्त सेतु का निर्माण किया है, जिसने न केवल अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया है बल्कि छात्रों को व्यावहारिक और उन्नत कौशल से लैस करने में भी अहम भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन और दूरदर्शिता के कारण ही ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और यह सम्मान प्राप्त कर पाया है। डॉ. पाटीदार ने कहा कि वे इस प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय को और भी उच्च मानकों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

33वें वर्ल्ड एजुकेशन समिट–2025 के दौरान, कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने एक महत्वपूर्ण सत्र-‘को-इनोवेशन फॉर द एआई इरा: इंडस्ट्री–अकेडेमिया–गवर्नमेंट टाइज़ बियॉन्ड बॉर्डर्स’ में अपने विचार और दृष्टिकोण साझा किए। डॉ. पाटीदार ने इस विचार-विमर्श में वैश्विक स्तर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में शिक्षा, उद्योग और सरकार के बीच सहयोग और नवाचार को कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है, इस पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में सीमाओं को पार करते हुए तीनों क्षेत्रों के बीच एकीकृत रणनीतियों और साझेदारियों की आवश्यकता है, जिससे नवाचार को गति मिले और देश का विकास तेज़ हो।डॉ. पाटीदार ने अपने विचारों में उद्योग, शिक्षा और सरकार के बीच पारदर्शी एवं सक्रिय समन्वय के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि एआई तकनीक के उपयोग से पारंपरिक शैक्षणिक ढांचों को अधिक व्यावहारिक, तकनीकी और समस्या-समाधान केंद्रित बनाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सीमाओं से परे सहयोग की अवधारणा को भी महत्व देते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान और संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव हो पाता है।

Elets ‘‘वर्ल्ड एजुकेशन समिट-2025’ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और रचनात्मकता को समर्पित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहाँ शिक्षा के सर्वोच्च निर्णयकर्ता और क्रियान्वयनकर्ता अपने दृष्टिकोण साझा करते हैं। यह समिट वर्तमान एवं भविष्य के शिक्षा परिदृश्य में निहित नए अवसरों को खोजने, समझने और सामूहिक सहयोग को प्रोत्साहित करने का एक अनूठा मंच प्रदान करता है। वर्ल्ड एजुकेशन समिट अवार्ड्स का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों, शैक्षणिक संस्थानों, उच्च शिक्षण संस्थाओं और एडु-टेक कंपनियों एवं स्टार्टअप्स की अग्रणी पहलों और उल्लेखनीय योगदानों को सम्मानित करना है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी नवाचार किए हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से शिक्षा के पुनः-परिभाषण, पुनः-शिक्षण और पुनः-खोज की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करते हुए उन संस्थानों एवं संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाता है, जो शिक्षण-शिक्षण के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने पूरे विश्वविद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई दी और कहा कि इस सफलता से न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है, बल्कि यह हमारे उच्च शिक्षा के मानकों और उद्योग के साथ साझेदारी की गहराई को भी दर्शाता है। डॉ. विजयवर्गीय ने सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्रों को इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयाँ छूता रहेगा।
यह सर्वविदित है कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय पाठ्यक्रम, उत्कृष्ट शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा तथा शिक्षार्थियों को एक जीवंत एवं सृजनात्मक परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पुरस्कार ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की शिक्षा में प्रतिबद्धता, उत्कृष्टता और नवाचार का सशक्त प्रमाण है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय को और मजबूती प्रदान करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह समर्पित है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और आने वाले समय में नई सफलताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।



