ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को उद्योग सहयोग और छात्र-केंद्रित पहलों के लिए मिला “IIRF एजुकेशन इम्पैक्ट अवार्ड 2026”

ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को उद्योग सहयोग और छात्र-केंद्रित पहलों के लिए मिला “IIRF एजुकेशन इम्पैक्ट अवार्ड 2026”
(फेडरेशन फॉर वर्ल्ड एकेडमिक्स (FWA) द्वारा दिल्ली में आयोजित इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2025 के दौरान मज़बूत इंडस्ट्री कनेक्ट और स्टूडेंट सेंट्रिक इनिशिएटिव के लिए ओपीजेयू को मिला राष्ट्रीय सम्मान
कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार भी हुए “पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी विशिष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित
रायगढ़ @संदेशा 24
उद्योग सहयोग और छात्र-केंद्रित पहलों के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय (ओपीजेयू) को “IIRF एजुकेशन इम्पैक्ट अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय को उसके मज़बूत इंडस्ट्री कनेक्ट और स्टूडेंट सेंट्रिक इनिशिएटिव्स के लिए प्रदान किया गया। फेडरेशन फॉर वर्ल्ड एकेडमिक्स (FWA) द्वारा 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित इंडस्ट्री-एकेडेमिया कॉन्क्लेव 2025 के दौरान यह सम्मान प्रदान किया गया,

जिसका आयोजन IIRF (Indian Institutional Ranking Framework) के सहयोग से ले मेरिडियन, नई दिल्ली में हुआ।
इस आयोजन में देशभर से उद्योग और शिक्षा जगत के कई प्रमुख शिक्षाविद एवं एजुकेशन लीडर्स उपस्थित थे, जिनमें अनेक चांसलर्स, वाइस चांसलर्स, तथा IITs और IIMs के डायरेक्टर्स शामिल थे। इस अवसर पर ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने विश्वविद्यालय की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया। पुरस्कार प्राप्त करने के उपरांत डॉ. पाटीदार ने अपने वक्तव्य में कहा, “यह सम्मान न केवल हमारे विश्वविद्यालय की टीम के निरंतर और समर्पित प्रयासों का परिणाम है, बल्कि इस तथ्य का भी प्रमाण है

कि शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत एवं व्यावहारिक संबंध छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह पुरस्कार विश्वविद्यालय द्वारा उद्योगों के साथ किए गए नवाचारपूर्ण सहयोग, स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों, इंटर्नशिप अवसरों और प्रायोगिक शिक्षा की पहलों की उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए प्रदान किया गया।” उन्होंने आगे कहा कि ओ. पी. जिंदल विश्वविद्यालय सतत ऐसे शैक्षणिक प्रयास कर रहा है जो छात्रों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करें, बल्कि उन्हें उद्योग के अनुकूल कौशल और व्यावहारिक अनुभव से भी सशक्त बनाएं।
सम्मान समारोह के दौरान डॉ. पाटीदार ने “इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच सेतु निर्माण” विषय पर आयोजित एक विशेष सत्र में वक्ता और पैनल सदस्य के रूप में भी भाग लिया। उन्होंने इस सत्र में श्रेष्ठ संस्थागत प्रथाओं और उद्योग-शिक्षा सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर अपने विचार साझा किए। डॉ. पाटीदार ने कहा कि,“आज का समय ऐसा है जब विश्वविद्यालयों को उद्योग से गहरे जुड़ाव की आवश्यकता है। छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, बल्कि वास्तविक औद्योगिक अनुभव भी देना हमारी ज़िम्मेदारी है। ओपीजेयू ने हमेशा इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाई है — चाहे बात हो इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम की, रिसर्च-इनोवेशन लैब्स की, या फिर स्किल डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स की।”
इसी कॉन्क्लेव के दौरान डॉ. पाटीदार को व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए भी एक विशिष्ट सम्मान — “पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी विशिष्ट शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार स्वयं पद्म विभूषण डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी द्वारा प्रदान किया गया। डॉ पाटीदार को यह सम्मान देशभर के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों — जिनमें अनेक विश्वविद्यालयों के चांसलर्स, प्रो-चांसलर्स, डायरेक्टर्स और वरिष्ठ शिक्षाविद् शामिल थे — की उपस्थिति में प्रदान किया गया, जिसकी वजह से यह सम्मान समारोह एक अत्यंत प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।
इस दोहरी उपलब्धि पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए डॉ. आर. डी. पाटीदार ने कहा, “यह पुरस्कार सिर्फ मेरा या विश्वविद्यालय का नहीं, बल्कि पूरे ओपीजेयू परिवार का है। यह हमारी साझा मेहनत, दृष्टिकोण और समर्पण का परिणाम है। मैं इस उपलब्धि के लिए अपने सभी सहयोगियों, संकाय सदस्यों, छात्रों और उद्योग क्षेत्र के साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।”उन्होंने विशेष रूप से जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल और ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती शालू जिंदल के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा, “मैं श्री नवीन जिंदल जी और हमारी कुलाधिपति श्रीमती शालू जिंदल जी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व, सतत प्रेरणा और शिक्षा के प्रति समर्पण ने ओपीजेयू को एक ऐसा संस्थान बनाया है जो न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और उद्योग से जुड़ी शिक्षा का उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उनके मार्गदर्शन और विश्वास ने हमें लगातार नई ऊँचाइयाँ हासिल करने की प्रेरणा दी है।”
इन उल्लेखनीय उपलब्धियों पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने पूरे विश्वविद्यालय परिवार तथा कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सफलता से न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, बल्कि यह हमारे उच्च शिक्षा के मानकों तथा उद्योग के साथ सुदृढ़ साझेदारी की गहराई को भी प्रतिबिंबित करती है। सभी प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने भी विश्वविद्यालय की दोहरी उपलब्धियों तथा संस्थान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार को हार्दिक बधाई दी।
इस सम्मान के साथ, ओपीजेयू ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह भारत में उद्योग-सम्बद्ध शिक्षा और छात्र-केंद्रित नवाचारों का अग्रणी केंद्र बना हुआ है। ज्ञातव्य हो की ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय ने अपने आरंभ से ही शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। विश्वविद्यालय ने मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन, रिसर्च एंड इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट, और एम्प्लॉयबिलिटी ड्रिवन प्रोग्राम्स के माध्यम से छात्रों को उद्योग-तैयार बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।



