ओपीजेयू में छठा इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक संपन्न

ओपीजेयू में छठा इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक संपन्न
(ओपीजेयू में उद्योग–अकादमिक सहयोग को नई दिशा देने एवं उभरती तकनीकों और भविष्य की स्किल्स पर केंद्रित छठा इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक आयोजित)
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग केंद्र द्वारा 10 अप्रैल, 2026 को “इंडस्ट्री 5.0, जेनरेटिव एआई और ग्रीन ट्रांजिशन: भविष्य के लिए प्रतिभा और नवाचार की पुनर्कल्पना” विषय पर छठा इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव (IAC 2026) सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य उद्योग, शिक्षा जगत, नीति निर्माण एवं शोध क्षेत्र के विशेषज्ञों के लिए एक सशक्त साझा मंच उपलब्ध कराना था, ताकि वे आपस में संवाद स्थापित कर सकें और भविष्य की आवश्यकताओं पर सार्थक विचार-विमर्श कर सकें। यह आयोजन देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रख्यात उद्योग जगत के प्रमुखों, नीति विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के लिए ज्ञान, अनुभव और विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम बना।
इस अवसर पर विषय विशेषज्ञों ने इंडस्ट्री 5.0, जेनरेटिव एआई और ग्रीन ट्रांजिशन के विभिन्न आयामों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों के उद्योगों पर पड़ने वाले प्रभाव, स्वचालन एवं मानव-केंद्रित नवाचार के संतुलन तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में तकनीक की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में संगठनों को न केवल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को अपनाना होगा, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक सरोकारों को भी अपने विकास मॉडल का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। साथ ही, उन्होंने भविष्य की कार्यबल आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास, नवाचार आधारित शिक्षा और उद्योग–अकादमिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह कॉन्क्लेव अकादमिक ज्ञान और औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में उभरा, जिसने भविष्य-उन्मुख नवाचार, सहयोग और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उद्घाटन समारोह में देश के प्रतिष्ठित उद्योग जगत, नीति निर्माण और प्रबंधन क्षेत्र के अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायी और प्रभावशाली बना दिया। कॉन्क्लेव की शुरुआत डॉ. आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा विकसित करने हेतु मजबूत इंडस्ट्री–अकादमिक साझेदारी के महत्व पर जोर दिया, जो तकनीकी बदलावों और सतत व्यावसायिक परिवर्तन का सामना कर सके। अपने संबोधन में उन्होंने ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार-आधारित शिक्षण पद्धतियों तथा उद्योग-उन्मुख शिक्षा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता पर भी प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने एक प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से ओपीजेडीयू के विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों, अनुसंधान पहलों, उद्योग सहयोगों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की, जिससे प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि एवं भविष्य की दिशा की स्पष्ट झलक प्राप्त हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री संतोष राय, हेड – मानव संसाधन, लार्सन एंड टुब्रो प्रिसिजन इंजीनियरिंग एंड सिस्टम्स आईसी, मुंबई उपस्थित रहे। उनके अनुभव और विचारों ने विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और भविष्य की स्किल्स के महत्व को समझने की दिशा में प्रेरित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री अतुल त्रिपाठी, निदेशक – क्वांटम टेक्नोलॉजीज एवं स्पेस टेक्नोलॉजीज, PwC, नई दिल्ली; श्री हिमांशु जोशी, प्रोग्राम डायरेक्टर, नीति आयोग, नई दिल्ली; सीए कमल कुमार कौशिक, फाउंडिंग पार्टनर इंडिया, ब्रिक्सट्रेड; तथा श्री अनुज बत्रा, चीफ बिजनेस स्ट्रैटेजिस्ट एवं डायरेक्टर, एब्स्ट्रैट पार्टनर्स उपस्थित रहे। सभी विशिष्ट अतिथियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के गहन अनुभव साझा करते हुए उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार, नीति निर्माण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बदलते परिदृश्य पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त, विशेष अतिथि के रूप में श्री आशीष कुमार, चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर, जिंदल पावर लिमिटेड, तमनार की उपस्थिति ने उद्घाटन सत्र की गरिमा को और बढ़ा दिया। उनके विचारों ने उद्योग एवं अकादमिक सहयोग की आवश्यकता तथा भविष्य-उन्मुख प्रतिभा निर्माण की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया, जिससे पूरा सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक बन गया।
उद्घाटन समारोह के दौरान स्कूल ऑफ साइंस, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग तथा स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में शैक्षणिक सत्र 2026–27 से प्रारंभ होने वाले कई नवीन कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। स्कूल ऑफ साइंस में B.Sc. in Aircraft Maintenance तथा B.Sc. in Environmental Science and Sustainability जैसे नवीन एवं उद्योग-उन्मुख कार्यक्रमों की शुरुआत की गई, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को उभरते क्षेत्रों में विशिष्ट कौशल और करियर अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में MBA (Specialisation in Industrial Management) कार्यक्रम प्रारंभ किया गया, जो विद्यार्थियों को औद्योगिक संचालन, प्रबंधन रणनीतियों और नेतृत्व कौशल में दक्ष बनाने पर केंद्रित है। स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में PG Diploma in Industrial Safety कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को औद्योगिक सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन तथा सुरक्षित कार्य वातावरण से संबंधित व्यावहारिक एवं विशेष प्रशिक्षण प्रदान करना है, जिससे वे उद्योगों में सुरक्षित एवं प्रभावी कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने में सक्षम बन सकें।
इस आयोजन के दौरान दो अत्यंत ज्ञानवर्धक प्लेनरी व्याख्यान तथा चार सारगर्भित एवं विचारोत्तेजक पैनल चर्चाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इन सत्रों में देश-विदेश से आए प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधियों एवं अकादमिक विद्वानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने बहुमूल्य अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए। चर्चाओं के केंद्र में इंडस्ट्री 5.0, जेनरेटिव एआई, स्थिरता-आधारित नवाचार (सस्टेनेबिलिटी ड्रिवन इनोवेशन), डिजिटल परिवर्तन (डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन) तथा तेजी से बदलते वैश्विक प्रतिभा परिदृश्य के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषय रहे। विशेषज्ञों ने इन उभरते क्षेत्रों के उद्योगों, अर्थव्यवस्था और शिक्षा प्रणाली पर पड़ने वाले व्यापक प्रभावों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया।
कॉन्क्लेव में विभिन्न उद्योगों से आए कई प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए, जिनमें सुश्री ध्वनि ओझा, डायरेक्टर – प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, WNS; श्री विकास सिंह, SAP टेक्निकल कंसल्टेंट, SAP लैब्स; सुश्री गुंजन मिश्रा, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट – मानव संसाधन, कोरोहेल्थ; सुश्री आफरीना जाहुर, मैनेजर – मानव संसाधन, नोवेल ज्वेल्स; श्री तरुण मलिक, फाउंडर एवं एडवाइजर, एलेक्सा रेजोल्यूशन एडवाइजर्स LLP; श्री सत्यदेव सिंह, हेड – प्रोडक्ट एवं ग्रोथ, क्यूनोमियल टेक्नोलॉजीज प्रा. लि.; डॉ. तारापदा दाश, ईवीपी – कॉर्पोरेट सर्विसेज एवं सस्टेनेबिलिटी, TRL क्रोसाकी; श्री शरण कुमार, सीनियर मैनेजर, NTPC लिमिटेड; तथा श्री स्टीवन मोसेस, लीड – एआई/एमएल, सिक्सडी इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस शामिल थे। रोचक चर्चाओं और विशेषज्ञों की अंतर्दृष्टियों के माध्यम से, इस कॉन्क्लेव ने भविष्य-उन्मुख नेतृत्व, उभरती प्रौद्योगिकियों, सतत व्यावसायिक प्रथाओं और उद्योग-आधारित कौशल विकास पर ज्ञान-विनिमय का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
छठे इंडस्ट्री–अकादमिक कॉन्क्लेव में संकाय सदस्यों और छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, जिसने विश्वविद्यालय की अकादमिक और उद्योग के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. हिमांशु वैष्णव, निदेशक, इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग केंद्र द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कॉन्क्लेव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


