पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजनाः 23 वर्ष की आयु पर मिलेगी 10 लाख की सहायता, रायगढ़ में आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण

पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजनाः 23 वर्ष की आयु पर मिलेगी 10 लाख की सहायता, रायगढ़ में आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण
*वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा पर मिला मार्गदर्शन, बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की सीख
रायगढ़ @संदेशा 24
पी.एम. केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत लाभान्वित बच्चों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आज वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर के निर्देशन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई, मिशन वात्सल्य कार्यालय में संपन्न हुआ।
इस योजना के अंतर्गत उन बच्चों को सहायता प्रदान की जाती है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया है। ऐसे बच्चों को 23 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बना सकें। इस बड़ी राशि के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से बच्चों को पहले से वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देने हेतु यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रायगढ़ जिले के चार हितग्राही-आशा चौहान, देवमती राठिया, मनीषा राठिया और साहिल उरांव ने भाग लिया और विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री कमल किशोर सिंह ने बच्चों को सुरक्षित निवेश के विभिन्न विकल्पों जैसे मंथली इनकम प्लान, फिक्स्ड डिपॉजिट और बीमा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सुरक्षा उपायों पर जोर दिया और हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में बताया। वित्तीय साक्षरता परामर्शदाता श्री राज कुमार शर्मा ने बच्चों को अपने वित्तीय दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने, आय-व्यय का संतुलित बजट तैयार करने तथा साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज के बीच का अंतर समझाया।
परामर्शदाता श्री अखिलेश बरेठ द्वारा साइबर सुरक्षा एवं वित्तीय जागरूकता से संबंधित ज्ञानवर्धक वीडियो प्रस्तुत किए गए, जिससे बच्चों को व्यवहारिक समझ मिल सकी। यह प्रशिक्षण न केवल बच्चों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सहायता राशि का सही दिशा में उपयोग कर अपने जीवन को बेहतर बना सकें। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री धीरेन्द्र कुमार शर्मा, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक श्री शोभेन्द्र कुमार डनसेना, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बच्चों के अभिभावक उपस्थित रहे।


