सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 27 अप्रैल से 15 दिवसीय सघन जांच अभियान होगा शुरू

सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर 27 अप्रैल से 15 दिवसीय सघन जांच अभियान होगा शुरू
*वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सीईओ ने की अभियान तैयारियों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश*
*अभियान के लिए ‘खाद्य’ और ‘औषधि’ प्रकोष्ठ की दो विशेष टीमें गठित*
रायगढ़ @संदेशा 24
आम नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री एवं दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले में 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक 15 दिवसीय विशेष सघन जांच अभियान संचालित किया जाएगा। “सही दवा, शुद्ध आहार- यही छत्तीसगढ़ का आधार” थीम पर आधारित इस अभियान का उद्देश्य न केवल मिलावटखोरी और नकली दवाओं के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना है, बल्कि आमजन में सुरक्षित दवा उपयोग और स्वच्छ, पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
अभियान को सफल बनाने के लिए जिले स्तर पर प्रशासनिक तैयारी शुरू हो गई है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिले के अनुविभागीय अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में अभियान के उद्देश्यों, कार्ययोजना और निगरानी व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान की दैनिक प्रगति की मॉनिटरिंग और समयबद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने हेतु अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो को सक्षम नोडल अधिकारी तथा संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनकी देखरेख में अभियान की गतिविधियों का नियमित संकलन और मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे कार्यवाही में पारदर्शिता और गति बनी रहे।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर “खाद्य प्रकोष्ठ” और “औषधि प्रकोष्ठ” नाम से दो अलग-अलग विशेष टीमें गठित की गई हैं। खाद्य प्रकोष्ठ में अभिहित अधिकारी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और नमूना सहायक के साथ राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, किराना दुकानों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में जांच कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और मानकों की पड़ताल करेगी। वहीं औषधि प्रकोष्ठ में सहायक औषधि नियंत्रक, सहायक संचालक औषधि, औषधि निरीक्षक और नमूना सहायक के साथ राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम शामिल रहेगी। यह दल मेडिकल स्टोर्स, थोक दवा विक्रेताओं और प्रसाधन सामग्री विक्रय केंद्रों की जांच कर नकली, एक्सपायरी या बिना लाइसेंस की दवाओं की बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करेगा। अभियान के दौरान संदिग्ध खाद्य पदार्थों और दवाओं के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे जाएंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही आम जनता को सुरक्षित दवा उपयोग, संतुलित आहार और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।


