टीबी के खिलाफ रायगढ़ की लगातार मुहिम

टीबी के खिलाफ रायगढ़ की लगातार मुहिम*समय पर पहचान के साथ मरीजों का निःशुल्क इलाज, परिवार के सदस्यों को भी दी जा रही बचाव की दवा*रायगढ़ @ संदेशा 24जिले में टीबी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मरीजों की पहचान से लेकर उनके उपचार और परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाने तक की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में यह कार्य जिले में लगातार जारी है।
24 मार्च 2026 से जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान का लगातार क्रियान्वयन किया जा रहा है। अभियान के तहत सामान्य लोगों की लक्षणों के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं, टीबी के अधिक जोखिम वाले लोगों की एक्स-रे के माध्यम से जांच की जा रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। टीबी की पुष्टि के लिए सीबीनॉट, ट्रूनेट और हैंड हेल्ड एक्स-रे जैसी जांच सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है। टीबी मरीजों को निःशुल्क एंटी टीबी दवा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही मरीज के परिवार के सदस्यों की भी जांच और निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार उन्हें टीबी से बचाव के लिए टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी की दवा दी जा रही है।
*1,288 मरीजों की पहचान, 98 प्रतिशत उपचार सफलता दर*मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2025 से अब तक जिले में 1,288 टीबी मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से 1,281 मरीजों का उपचार जारी है। वहीं 1,772 परिवार के सदस्यों को टीबी से बचाव की दवा दी जा चुकी है। जिले में टीबी उपचार की सफलता दर 98 प्रतिशत है। टीबी की समय पर पहचान और पूरा उपचार ही बीमारी से स्वस्थ होने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसी उद्देश्य से रायगढ़ में जांच, उपचार और बचाव की गतिविधियों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

