चैंपियंस ऑफ चेंज’ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह का प्रतिष्ठित आईएसीपी अवार्ड के लिए हुआ चयन

‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह का प्रतिष्ठित आईएसीपी अवार्ड के लिए हुआ चयन
रायगढ़ @ संदेशा 24 रायगढ़ के पूर्व पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह एवं वर्तमान पुलिस अधीक्षक जिला कोरिया, को अमेरिका की अंतर्राष्ट्रीय संस्था इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ चीफ्स ऑफ पुलिस (आईएसीपी) द्वारा “आईएसीपी अवार्ड 2021″ के लिए चयनित किया गया है। ध्यातव्य है, कि यह प्रतिष्ठित पुरुस्कार हर वर्ष पूरी दुनिया के मात्र 40 पुलिस अधिकारियों को दिया जाता है। इस सम्मान के हक़दार केवल वो अधिकारी होते हैं जिन्होंने पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये हों। अमेरिका में स्थित अंतर्राष्ट्रीय पुलिसिंग संस्था आईएसीपी में विश्व के 165 देशों के पुलिस अधिकारी शामिल हैं। आईपीएस संतोष सिंह को यह अवार्ड अंडर 40 कैटेगरी में दिया जा रहा है। विश्व के 40 वर्ष से कम आयु के ऐसे पुलिस अधिकारी जिन्होंने अपनी शानदार नेतृत्व क्षमता के साथ पुलिसिंग कार्यों में नवाचारों एवं अच्छे कार्यों से बुनियादी परिवर्तन लाने का प्रयास किया है, उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाता है।
संतोष कुमार सिंह सिंह ने अपने अभी तक के कार्यकाल में काबिलेतारीफ काम किया है जिसकी चतुर्दिक मुक्तकंठ से प्रशंसा हुई है। श्री सिंह ने समाज में पुलिस की चली आ रही पारम्परिक छवि के विपरीत उसे आमजन का चहेता बना दिया। उन्होंने पुलिस को सही मायनों में समाज हितैषी बना दिया। आज लोग थानों में भयमुक्त होकर एक सद्भावना से भरे माहौल में अपनी व्यथा कथा कहते हैं और एक हद तक समाधान भी पाते हैं। समाजशास्त्री इसे सोशल पुलिसिंग कहते हैं जिसमें श्री सिंह का नेतृत्व सौ फीसदी खरा उतरता है। संतोष सिंह ने अपनी बस्तर पदस्थापना के दौरान नक्सली और उनसे प्रभावित जनता के बीच जो कार्य किया वो आज मील का पत्थर बन चुका है। महासमुंद जिले में तो उन्होंने विश्व रिकॉर्ड ही बना दिया जब उन्होंने तकरीबन एक लाख बच्चों को आत्म रक्षा का प्रशिक्षण दिलवाया। सोशल पुलिसिंग के इस अन्यतम कार्य के लिए उप -राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने उन्हें ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ के खिताब से नवाजा। वास्तव में समाज में मौलिक परिवर्तन के ऐसे ही अगुआ ,नायक के रूप में याद किये जाते हैं।
कला एवं संस्कृति की नगरी रायगढ़ पिछले दो दशकों से औद्योगिक केंद्र के रूप में ढलने की प्रक्रिया से गुजर रही है। जाहिर है कि इसके नकारात्मक पहलु भी हैं। रायगढ़ में अपने कार्यकाल के दौरान श्री सिंह ने जिले को नकारात्मक पहलुओं – अपराध और अपराधियों से लगभग मुक्त रखा जिसकी तारीफ़ जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों और आम जनता ने खुले दिल से की। कोरोना महामारी की भयावहता से संतोष सिंह ने रायगढ़ को जिस तरह बचाया वह नवाचार का नायाब नमूना है। उनके नेतृत्व में रायगढ़ पुलिस ने आम जनता के व्यापक सहयोग व समर्थन से ‘एक रक्षा-सूत्र मास्क का’ का बेहद चर्चित ,मास्क के प्रति जागरूकता अभियान चलाया और रक्षा -बंधन के पावन पर्व पर एक दिन में 12 लाख से ज्यादा मास्क वितरित कर ना केवल आम जनता की रक्षा की, बल्कि लोगों में कोरोना के प्रति अद्भुत जागरूकता भी पैदा कर दी। इस क्रम में फिर एक विश्व -रिकॉर्ड की स्थापना श्री सिंह ने कर दी। समाज के हाशिये पर खड़ी जनता की तकलीफों को ध्यान में रखते हुए पुलिस हेल्प-डेस्क के माध्यम से उन्होंने कोरोना के प्रथम चरण में एक लाख लोगों को और द्वितीय चरण में 40 हजार लोगों को सूखा राशन व फूड पैकेट्स वितरित करवाया। मानवीय करुणा और संवेदनशीलता का यह अनोखा मेल पुलिस में दुर्लभ है। वर्तमान में कोरिया में श्री सिंह ने क्षेत्र की विकट समस्या पर ध्यान केंद्रित किया है और ड्रग्स तथा मादक पदार्थों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के साथ -साथ जन जागरूकता अभियान को भी वे तरजीह दे रहे हैं।
द आईएसीपी प्रतिवर्ष सितंबर माह में अपने वार्षिक समारोह में इन पुरस्कारों की घोषणा करता है और पुरस्कार पाने वालें को अपने मुख्यालय टेक्सास में व्यक्तिगत रूप से बुलाकर सम्मानित करता है। अधिकारियों को अक्टूबर 2022 में टेक्सास, अमेरिका में यह पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। संतोष सिंह ने अपने कार्यों को रेखांकित किये जाने के लिए सारा श्रेय पुलिस विभाग के सहकर्मियों के सहयोग और वरिष्ठों के मार्गदर्शन तथा मित्रों एवं परिजनों की हौसला आफजाई को दिया है। उन्होंने सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं होता।

