श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जयन्ती सर्वसिद्धि महायोग 26 अगस्त, सोमवार ,रोहिणी नक्षत्र ,हर्षण योग*
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जयन्ती सर्वसिद्धि महा योग 26 अगस्त, सोमवार ,रोहिणी नक्षत्र ,हर्षण योग*

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जयन्ती सर्वसिद्धि महा योग 26 अगस्त, सोमवार ,रोहिणी नक्षत्र ,हर्षण योग*
तमनार @संदेशा 24
आचार्य पं.किशोर पाणिग्राही
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र योगरहित हो तो *केवला*
और रोहिणी नक्षत्र युक्त हो तो *जयन्ती* कहलाती है।
जयन्ती में बुध-सोमवार का योग आ जाय तो वह अत्युत्कृष्ट फलदायक हो जाती है ।ऐसा योग अनेक वर्षों के बाद सुलभ होता है।
सोमाह्नि बुधवारे वा अष्टमी रोहिणीयुता ।
जयन्ती सा समाख्याता सा लभ्या
पुण्य सञ्चयैः।।
तस्यामुपोष्य यत्पापं लोकः कोटिभवोद्भवम्।
विमुच्य निवसेद् विप्र वैकुण्ठे विरजे पुरे।।
जिस मनुष्यको जयन्ती – उपवासका सौभाग्य मिलता है,उसके कोटिजन्मकृत पाप नष्ट हो जाते हैं तथा जन्मबन्धनसे मुक्त होकर परम दिव्य वैकुण्ठादि भगवद्धाम में निवास करता है।
इस वर्ष यह*जयन्ती* महा योग 26 अगस्त ,भाद्रपद कृ.प.अष्टमी, सोमवार ,रोहिणी नक्षत्र ,हर्षण योग
बन रहा है।
आचार्य पं.किशोर पाणिग्राही
(ज्योतिष, कर्मकाण्ड, भागवत)

