हमीरपुर छत्तीसगढ़ ओडिसा सीमा में बही काव्य की धारा,कवियों ने श्रोताओं को किया मन्त्रमुग्ध

हमीरपुर छत्तीसगढ़ ओडिसा सीमा में बही काव्य की धारा,कवियों ने श्रोताओं को किया मन्त्रमुग्धतमनार @संदेशा 24छत्तीसगढ़ ओडिसा सीमा में स्थित वैष्णवपुरम महिमानगर, हमीरपुर (बॉर्डर) में आयोजित त्रिदिवसीय विश्व शांति ब्रह्म यज्ञ महिमा बाल्य लीला 18 वां वर्ष के उपलक्ष्य में
इस आध्यात्मिक प्रांगण में छत्तीसगढ़ एवं ओडिसा के सैकड़ों श्रोताओं की उपस्थिति में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ कवि सम्मेलन के संचालक हास्य व्यंग्य के युवा कवि तेजराम नायक के व्यंग्यात्मक अंदाज से हुआ।
तत्पश्चात माँ वागेश्वरी की आराधना के लिये अरविंद सोनी “सार्थक” जी को आमंत्रित किया गया। तत्पश्चात हास्यकवि सुखदेव राठिया “बनगिहा” ने अपने खास अंदाज में लोगों को हँसने पर मजबूर कर दिया, तो वहीं ओज कवि हरेंद्र डनसेना ने अपनी कविताओं से माहौल को देश भक्तिमय बनाया। सेतकुमार गुप्ता ने मिमिक्री करके सबको खूब गुदगुदाया। लैलूंगा की श्रृंगार कवियित्री रश्मि मंजुला पंडा ने अपनी कविताओं से सबका मन मोह लिया। बिलासपुर से आये सेवक राम समर्पित ने अपने गजल एवं मुक्तको से खूब वाह वाही लूटी।
जशपुर से उपस्थित आध्यात्मिक कवि जगबंधु यादव “डमरू” ने आध्यात्मिक कविता से लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद कवि सम्मेलन के संचालक कवि तेजराम नायक “तेज” ने अपने हास्य छंदों के साथ अपनी खुशियों की गलियाँ कविता से सबको भाव विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में अरविंद सोनी “सार्थक” ने भगवान श्रीराम पर लिखी अपनी रचनाओं से सबको मंत्र मुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन के संचालक कवि तेजराम नायक ने प्रारम्भ से अंत तक सबको बाँधे रखा। संध्या 7 बजे से प्रारंभ होकर यह काव्य की धारा अनवरत 11 बजे रात्रि तक प्रवाहित होती रही।
उक्त कार्यक्रम में अध्यक्ष सुरेंद्र सिदार, यशपाल बेहरा, छबिशंकर बेहरा,सत्यनारायण गुप्ता, भागीरथी गुप्ता आयोजन समिति के सभी पदाधिकारीगण सदस्य गण एवं साधु महात्माओं की उपस्थिति रही। कवि सम्मेलन का संयोजन हरेंद्र डनसेना तथा कार्यक्रम समाप्ति पर आभार प्रदर्शन कार्यक्रम के सूत्रधार भागीरथी गुप्ता ने किया।

