रोडोपाली में श्रीमद्भागवत कथा कृष्ण बाल लीला में नाचे नर नारी बाल गोपाल

रोडोपाली में श्रीमद्भागवत कथा कृष्ण बाल लीला में नाचे नर नारी बाल गोपाल
तमनार @ संदेशा 24 @ दुलेन्द्र पटेल 20.2.2024
केलो बनांचल तमनार के ग्राम रोडोपाली में आयोजित संगीतमय श्रीमद भागवत कथा महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का पांचवे दिन कथा व्यास पीठासीन पूज्यनीय साध्वी महंत प्रज्ञा भारती जी ने भगवान बाल कृष्ण की विभिन्न लीलाओ का सुंदर वर्णन किया। कृष्ण बाल लीला की मनमोहक झाकिया निकाली गई। आयोजक पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया,पुर्व विधायक सुनिती राठिया सहित छोटे छोटे बाल गोपाल नर नारी गोविंदा आला रे आला जरा मटकी फोट नंदलाला की धुन में खूब नाचे।

साध्वी महंत प्रज्ञा भारती जी ने कहाकि कथा के दौरान कब कौन कैसे किसका हृदय परिवर्तन होता है भगवान श्री कृष्ण की कृपा माँ वैष्णवी की कृपा से बजरमुडा के बालक मुक्तेश का गाय के प्रति अगाध स्नेह ने अश्वनी नायक परिवार द्वारा 3 एकड़ भूदान का संकल्प हेतु उनकी उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामनाएं की गई। औरानारा छाल आदर्श गौशाला की स्थापना के साथ वहां भगवान कन्हैया जी की मूर्ति स्थापना गौमाता के साथ करने पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया एवं क्षेत्रवासियों से तन मन धन से गाय माता की रक्षा संरक्षण संवर्धन करने आग्रह किया गया। भगवान कृष्ण गाय के पालक गोपाल है।गाय का पालन करें गौदान करें हर हाल में गाय को बचाकर उनका संरक्षण संवर्धन करें। भारतीय संस्कृति पर किस तरह से गलत तरीके से प्रचार प्रसार किया जा रहा है संस्कृति को बचाने कथा की जा रही है। कथा के माध्यम हिन्दू संस्कृति के बारे में संदेश दी जा रही है।

समाज देश संस्कृति की समस्या पर व्यासपीठ नही रोयेगी तो कौन रोयेगा।कथा में यही उपदेश छिपा है हमारे समाज की व्यथा पर चिंतन करना आवश्यक है। उन्होंने गौ वध पर चिंता व्यक्त करते कहाकि धरती से गाय माता घटती जा रही है गाय पीड़ित है उन्हें बचाना होगा उनका संरक्षण संवर्धन जरूरी हैं गाय हमारी संस्कृति से जुड़ी हुई है।गाय माता के हवन पूजन संभव नही है।मन्दिर की सफाई जिस तरह से करते है वैसे नदियों को स्वच्छ रखें।
कथा व्यास पीठासीन पूज्यनीय साध्वी महंत प्रज्ञा भारती जी के मुखारविंद से संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में भक्ति ज्ञान,वैराग्य की पावन त्रिवेणी गंगा में हजारो श्रद्धालु भक्तजनो द्वारा रसपान किया जा रहा है। सभी आगन्तुक भसक्तजनो के लिए हर दिन प्रसाद व भोजन खिलाया जा रहा है। बुधवार को महारास लीला, कंस वध,रुकमणी विवाह,गुरुवार को द्वारका लीला,सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा,शुकदेव पुजन के साथ कथा विश्राम किया जाएगा, साथ ही गुरुवार को महाप्रसाद एवं भंडारे का भी आयोजन किया गया है। क्षेत्रवासियों को अधिकाधिक संख्या कथा श्रवण कर पुण्य के भागीदार बनने आग्रह किया गया है।


