श्री ओपी जिन्दल कर्मयोगी युगदृष्टा जिनके रोम-रोम में बसा था राष्ट्रभक्ति स्वाभिमानी भारतीय

श्री ओपी जिन्दल कर्मयोगी युगदृष्टा जिनके रोम-रोम में बसा था राष्ट्रभक्ति स्वाभिमानी भारतीय

ओपी जिन्दल समूह के संस्थापक श्री ओपी जिन्दल की 7 अगस्त को 90 वी जयंती सीएसआर सप्ताह के तहत तमनार क्षेत्र में विविध कार्यक्रम

तमनार @संदेशा 7.8.2020
आजादी के बाद जब देश आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक अस्मिता के लिए संघर्षरत था, तब कई महान व्यक्तियों ने अपनी कार्यकुशलता से विकास की राह में अनेक मील के पत्थर स्थापित किए। इन महान व्यक्तियों के योगदान की बदौलत भारत आज विश्व पटल पर अग्रणी राष्ट्रों में शामिल हो गया है। एक किसान के घर में जन्मे, दूरदर्शी एवं विलक्षण प्रतिभा के धनी, राजनेता, समाजसेवी एवं ओपी जिन्दल समूह के संस्थापक श्री ओपी जिन्दल उन अग्रणी व्यक्तियों में शामिल हैं जिन्होंने एक सच्चे कर्मयोगी के रूप में स्वावलंबन के माध्यम से स्वाभिमानी भारतीय बनने का संदेश जन-जन को दिया। वे आजीवन किसानों, दलितों-पिछड़ों व जरूरतमंदों को भारतीय लोकतंत्र की मुख्यधारा में आकर अहम भागीदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करते रहे।
एक सांसद, विधायक, मंत्री एवं एक सफल उद्योगपति के रूप में उन्होंने जो दृष्टि दी, वह सदैव भारतीयों का मार्गदर्शन करती रहेगी। 1951-52 में कोलकाता में संघर्ष के दौर में सड़क किनारे पड़े पाइप पर “मेड इन इंग्लेंड” लिखा देखा तो उन्होंने उसी समय “मेड इन इंडिया” का संकल्प लिया और उसे साकार कर दिखाया। राष्ट्रहित उनके लिए सर्वोपरि था, उनके दिल में भारत बसा था और आत्मनिर्भर भारत उनका लक्ष्य था। आज उनकी जयंती पर हम उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।

