एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की पहल पर आत्मानंद स्कूल में साइबर, ट्रैफिक और महिला सुरक्षा का महाअभियान

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की पहल पर आत्मानंद स्कूल में साइबर, ट्रैफिक और महिला सुरक्षा का महाअभियान
🔹 *सोशल मीडिया, ऑनलाइन फ्रॉड, बेड टच और साइबर अपराधों से बचाव के गुर सीखकर जागरूक हुए छात्र-छात्राएं*
🔹 *16 वर्ष से कम उम्र में वाहन चलाने पर सख्त संदेश, हेल्मेट और सुरक्षित यातायात का दिया संकल्प*
🔹 *’हेलो सिस्टर’ हेल्पलाइन, अभिव्यक्ति ऐप और डायल-112 की जानकारी देकर विद्यार्थियों में बढ़ाया सुरक्षा का भरोसा*
🔹 *”सुरक्षित विद्यार्थी ही सुरक्षित समाज की नींव हैं, जागरूकता ही साइबर अपराध और महिला अपराधों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।” — एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह*
रायगढ़ @संदेशा 24
रायगढ़ जिले में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में सामुदायिक पुलिसिंग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 22 जुलाई 2026 को डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के नेतृत्व में आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा विषयों पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, पॉक्सो कानून तथा सुरक्षित यातायात के संबंध में व्यावहारिक और उपयोगी जानकारी दी गई।

🔸 *साइबर_सुरक्षा
महिला प्रधान आरक्षक रेनु मंडावी सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि आजकल साइबर अपराधी सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी पहचान बनाकर बच्चों और युवाओं को अपना निशाना बना रहे हैं। उन्होंने फेसबुक, इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती करने, वीडियो कॉल, निजी फोटो एवं वीडियो साझा करने तथा ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल लेन-देन में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता बड़े साइबर अपराधों से बचा सकती है।

🔸 *महिला_सुरक्षा*
सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे ने छात्र-छात्राओं को महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि किसी भी प्रकार का बेड टच, छेड़छाड़ या अनुचित व्यवहार कभी भी छिपाना नहीं चाहिए। ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा पुलिस को दें। उन्होंने विद्यार्थियों को अभिव्यक्ति ऐप, डायल-112, “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 9479270533 तथा पुलिस कंट्रोल रूम 94791-93299 की जानकारी देते हुए बताया कि बिना थाना आए भी पुलिस से सहायता, परामर्श और सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। साथ ही पॉक्सो एक्ट एवं महिला-बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

🔸 *यातायात_सुरक्षा
यातायात प्रभारी निरीक्षक रोहित बंजारे एवं उप निरीक्षक संध्या कोका ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों से अवगत कराते हुए स्पष्ट किया कि 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों द्वारा वाहन चलाना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि 16 से 18 वर्ष आयु के किशोर निर्धारित नियमों के अनुसार बिना गियर वाले वाहन का लाइसेंस प्राप्त कर वाहन चला सकते हैं। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अपने अभिभावकों को हमेशा हेल्मेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और किसी भी मायने में लड़कों से कम नहीं हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या बेड टच को कभी भी सहन न करें तथा बिना किसी डर और संकोच के पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने जिले में संचालित “हेलो सिस्टर” हेल्पलाइन 9479270533 की जानकारी देते हुए कहा कि इस नंबर पर की गई शिकायतों और परामर्श को पूर्ण गोपनीयता के साथ लिया जाता है तथा घरेलू हिंसा सहित महिलाओं से जुड़े हर मामले में पुलिस संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराती है।
उन्होंने नवीन कानून के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में नये कानून के तहत न्याय प्रक्रिया को त्वरित न्याय दिये जाने वाला बताया । उन्होंने कहा कि “पुलिस आपकी मित्र है, हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है।”
कार्यक्रम में प्राचार्य श्री राजेश डेनियल, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया।

👉🏻 *एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश*
*”डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। बच्चों, महिलाओं और युवाओं को साइबर अपराधियों की चालों, सोशल मीडिया के जोखिमों तथा महिला सुरक्षा के अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। रायगढ़ पुलिस समाज के हर वर्ग को जागरूक और सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान निरंतर चलाती रहेगी। किसी भी परेशानी में पुलिस से संपर्क करने में संकोच न करें, रायगढ़ पुलिस हमेशा आपकी सुरक्षा और सहायता के लिए तत्पर है।”*

