WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.21 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.21 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.22
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.22 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.22 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.23
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.23 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.23 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.27
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.28
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.28 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.23 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.24
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.24 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.24 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.25
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.25 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.26
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.29 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.29
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.25 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.23.26 (1)
WhatsApp Image 2026-08-19 at 11.32.39
रायगढ़

कम जगह और कम लागत में पैरा मशरूम उत्पादन से बढ़ेगी आमदनी

कम जगह और कम लागत में पैरा मशरूम उत्पादन से बढ़ेगी आमदनी

*100 किलो गीले पुआल से 12 से 15 किलो तक उत्पादन*

WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.29
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.29 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.30
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.30 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.30 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.31 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.31 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.31
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.51.30 (1)

*जून से अक्टूबर तक उत्पादन का उपयुक्त समय, घर की खाली जगह में भी कर सकते हैं खेती*

रायगढ़ @ संदेशा 24

कम जगह, कम लागत और कम समय में मशरूम उत्पादन किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए अतिरिक्त आमदनी का बेहतर माध्यम बन सकता है। विशेष रूप से पैरा मशरूम की खेती के लिए बड़े खेत या विशेष संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती। घर के किसी खाली स्थान या छायादार जगह में भी इसकी खेती आसानी से की जा सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ की वैज्ञानिक डॉ. मनीषा चौधरी एवं दीपमाला लकड़ा ने पैरा मशरूम उत्पादन की तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय स्तर पर इसकी अच्छी मांग होने के कारण इसे छोटे स्तर से शुरू किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ की जलवायु में पैरा मशरूम उत्पादन के लिए जून से अक्टूबर तक का समय उपयुक्त है। इसके लिए 30 से 36 डिग्री सेल्सियस तापमान और 90 से 95 प्रतिशत आर्द्रता अनुकूल रहती है। इसका उत्पादन घर के अंदर या छायादार स्थान पर किया जा सकता है। उत्पादन के लिए लगभग 100 सेंटीमीटर लंबी, 60 सेंटीमीटर चौड़ी और 15 सेंटीमीटर ऊंची क्यारी तैयार की जाती है। धान के सूखे पुआल को 7 से 8 सेंटीमीटर मोटे और 70 से 80 सेंटीमीटर लंबे बंडलों में तैयार कर साफ पानी में 12 से 16 घंटे तक भिगोया जाता है। पुआल के उपचार के लिए पानी में 2 प्रतिशत कैल्शियम कार्बोनेट मिलाया जाता है। इसके बाद अतिरिक्त पानी निकाल दिया जाता है।

मशरूम के बीज को स्पॉन कहा जाता है। बांस या लकड़ी के रैक पर पुआल की परतें लगाई जाती हैं और प्रत्येक परत पर स्पॉन डाला जाता है। चार से पांच परतें तैयार करने के बाद इसे पॉलीथिन से ढक दिया जाता है। करीब 6 से 8 दिनों में पुआल में मायसीलियम फैलने के बाद पॉलीथिन हटा दी जाती है। पुआल सूखने पर हल्का पानी का छिड़काव किया जा सकता है। स्पॉन डालने के करीब 10 से 12 दिनों बाद मशरूम निकलना शुरू हो जाता है। मशरूम की टोपी खुलने से पहले इसकी तुड़ाई की जाती है। एक बार उत्पादन शुरू होने के बाद लगभग 10 से 12 दिनों तक मशरूम प्राप्त किया जा सकता है। 100 किलो गीले पुआल से करीब 12 से 15 किलो तक पैरा मशरूम का उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। मशरूम में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना कठिन होता है, इसलिए तुड़ाई के बाद जल्द उपयोग या बिक्री करना उचित रहता है। उत्पादन के बाद बचा पुआल जैविक खाद के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.47
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.47 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.48
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.48 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.48 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.49
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.49 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.49 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.49 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.50 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.52 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.51 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.51 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.51
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.52 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.50 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.54 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.55
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.53 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.53 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.54 (2)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.54 (3)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.52
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.54
WhatsApp Image 2026-08-14 at 20.58.53

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Latest
मंगलम तमनार में शर्मा कृषि केंद्र द्वारा भव्य किसान सम्मेलन @ ... बनोरा अघोर गुरु पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय *अघ... चक्रधर समारोह में मधुमिता रॉय मिश्रा ने कथक की शास्त्रीय नृत्य... चक्रधर समारोह: जान्हबी बेहरा की मनोहारी ओडिसी नृत्य प्रस्तुति ... चक्रधर समारोह में शिवरंजनी हरीश की भरतनाट्यम प्रस्तुति चक्रधर समारोह में शामिल हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी *दर... चक्रधर समारोह में ‘बादल’ आसना ने बिखेरी बस्तर की लोक संस्कृति ... कलार्पणा एन्सेम्बल की भरतनाट्यम प्रस्तुति के साथ चौथे दिन के क... रायगढ़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हुआ भव्य स... नलवा स्टील एंव नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड में शिल्पदेव भगवान श्...