सेवा की कहानी: कोसा धागाकरण से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति हो रही मजबूत

सेवा की कहानी: कोसा धागाकरण से समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति हो रही मजबूत
*मशीन से आसान हुआ काम, आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं महिलाएं*
रायगढ़ @ संदेशा 24
जिले में शासन की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे है। इसी क्रम में रेशम विभाग द्वारा महिलाओं को कोसा धागाकरण का प्रशिक्षण और मशीन उपलब्ध कराई गई है। इसका लाभ लेकर रायगढ़ की अनीता कौशिक सहित 10 महिलाओं का समूह कोसा धागाकरण का काम कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। अनीता कौशिक बताती हैं कि समूह की 10 महिलाएं मिलकर कोसा धागाकरण का काम करती हैं। रेशम विभाग से उन्हें प्रशिक्षण मिला, जिसके बाद उन्होंने नियमित रूप से कोसा धागा तैयार करना शुरू किया। पहले मशीन नहीं होने के कारण वे घर में मटके की सहायता से धागा निकालती थीं। मटके से धागा निकालने में काफी मेहनत और समय लगता था, जिससे काम करना कठिन होता था।
रेशम विभाग के माध्यम से मिली स्पिनिंग मशीन ने महिलाओं की इस परेशानी को काफी हद तक दूर कर दिया है। मशीन की मदद से धागाकरण का काम आसान और सुविधाजनक हो गया है। समूह की महिलाएं एक महीने में लगभग 3 से 4 किलो तक कोसा धागा तैयार कर लेती हैं। तैयार धागे को रायगढ़ के स्थानीय व्यापारी खरीदने आते हैं, वहीं बाहर से भी व्यापारी धागा लेने पहुंचते हैं। अनीता ने बताया की कोसा धागे को लगभग 3 हजार से 3 हजार 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से विक्रय करते है। इससे समूह की महिलाओं को मेहनत के अनुरूप आय प्राप्त हो रही है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। कोसा धागाकरण अब उनके लिए रोजगार के साथ आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बन गया है। उन्होंने कहा कि रेशम विभाग से मिली मशीन उनके समूह के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। अनीता और समूह की महिलाओं ने इस सुविधा के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।


