बर्ड फ्लू अब मुर्गी और बगुलों में भी पहुंचा, प्रदेश के आठ जिलों में फैला बर्ड फ्लू

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुर्गी के बाद अब बर्ड फ्लू बगुलों व अन्य पक्षियों में भी पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक आठ जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। जबकि, 12 जिलों की रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं, विदिशा जिले में 34 पक्षियों की मौत हुई है। इनमें कौओं के अलावा कबूतर और मोर भी शामिल हैं। नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है। इंदौर और नीमच के मुर्गी बाजार से लिए गए नमूने में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद पशुपालन विभाग ने कलेक्टरों को संबंधित क्षेत्र के मुर्गी बाजार को सात दिन तक बंद करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नौ किलोमीटर के दायरे में निगरानी रखी जाएगी। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने बताया कि इंदौर (डेली कॉलेज क्षेत्र) और नीमच के मुर्गी बाजार से जो नमूने लिए गए थे, उनमें से एक-एक की प्रारंभिक जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के तहत जिले के चिन्हित स्थान से एक किलोमीटर की परिधि में मुर्गी बाजार सात दिन के लिए बंद रखे जाएंगे। नीमच और इंदौर कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि पोल्ट्री फार्म, जलाशयों के आसपास से पोल्ट्री एवं प्रवासी पक्षियों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएं।सभी मुर्गी बाजार और पोल्ट्री फार्म में सेनिटाइजेशन सहित अन्य सावधानियां भी बरती जाए। मुर्गियों, कौओं और प्रवासी पक्षियों में असामान्य मृत्यु, बीमारी की सूचना मिलने पर सेंपल एकत्रीकरण, डिस्पोजल के साथ सेनिटाइजेशन की कार्रवाई की जाए। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नीमच में जांच के दौरान पता चला है कि राजस्थान के रास्ते हरियाणा से मुर्गियां लाई गई थीं। इनमें से ही लिए गए नमूने में बर्ड फ्लू मिला है। यही बात इंदौर से भी निकलकर सामने आ रही है। अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया का कहना है कि इस मामले में पूरा परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग के संचालक आरके रोकड़े ने बताया कि खरगोन, खंडवा , गुना और देवास में कौओं के नमूने में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। खंडवा के चार-पांच बगुलों में भी बर्ड फ्लू मिला है। पोल्ट्री फार्मों की जांच में अभी तक बर्ड फ्लू जैसी स्थिति नहीं मिली है।

