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नई दिल्ली

भारत मे पहली बार कब आया बर्ड फ्लू .? आज कैसे है हालात और क्या है सरकार की तैयारी..? पढ़े पूरी खबर…

नई दिल्ली: देश में पक्षियों की मौत और बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए जम्मू् कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में पोल्ट्री कारोबार पर रोक लगा दी गई है। देश के कई राज्यों में पोल्ट्री , कौव्वों, प्रवासी पक्षियों की मृत्यु दर से हालात बिगड़ गए हैं। पिछले 10 दिनों की अवधि में मरने वाले पक्षियों का आंकड़ा 15 लाख के करीब पहुंच चुका है। केवल हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू से 3000 प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई। केंद्रीय मंत्री संजीव बालयान ने बताया कि राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है और बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली में कंट्रोल रूम बनाया है, जो राज्यों के साथ संपर्क में रहेगा।

भारत में पहली बार कब मिला था बर्ड फ्लू

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भारत में पहली बार वर्ष 2006 में एवियन इंफ्लूएंजा यानी बर्ड फ्लू का मामला सामने आया था। आज के समय की बात करें तो केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने अपने यहां बर्ड फ्लू की पुष्टि की है।

जिसके बाद ताजा हालातों को देखते हुए केंद्र ने राज्यों के साथ बैठक की है और हालात का जायजा लिया है ताकि एवियन इंफ्लूएंजा यानि बर्ड फ्लू के संक्रमण से होने वाले नुकसान को देखते हुए राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एहतियात बरतने और उपायों की सलाह दी जा सके।

जानिए सरकार की क्या है तैयारी

केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने ही अभी तक अपने यहां बर्ड फ्लू की पुष्टि की है लेकिन सभी राज्यों को किसी भी संभावित घटना के लिए तैयार रहना चाहिए। केरल के प्रभावित जिलों में पक्षियों को मारने का अभियान चल रहा है।

राज्यों को पक्षियों को मारने के लिए आवश्यक उपकरणों और पीपीई किट का पर्याप्त स्टाक सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही लोगों के बीच इस बात की भी जागरूकता फैलाने को कहा गया है कि सही ढंग से उबालने और पकाने की प्रक्रिया के बाद पोल्ट्री उत्पादों का सेवन सुरक्षित है।

जल स्रोतों, पक्षी मार्केट, चिड़ियाघर, पोल्ट्री फार्म आदि में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। साथ ही मृत पक्षियों के उचित निस्तारण को सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। साथ ही सैंपलों को एकत्र करने और समय पर लैबोरेटरी में जमा कराने को भी कहा गया है।

केंद्र ने राज्यों के पशुपालन विभागों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बेहतर संवाद और समन्वय भी बनाने को कहा है ताकि बर्ड फ्लू की बीमारी को इंसानों में होने से रोका जा सके।

राज्यों के वन विभागों को जंगली इलाकों और जल स्रोतों के आसपास गैर प्रवासी पक्षियों की असामान्य मौत की जानकारी तत्काल देने को कहा गया है।

गुजरात में भी चार कौवों की मौत

केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के बाद अब गुजरात में भी बर्ड फ्लू के पहुंचने की आशंका है। दरअसल, गुजरात के मेहसाणा जिले में बृहस्पतिवार को चार कौवे मृत पाए गए।जिले के मोधेरा गांव स्थित प्रसिद्ध सूर्य मंदिर परिसर में मृत मिले कौवों के सैंपल को भोपाल स्थित लैब भेजा गया है ताकि बर्ड फ्लू होने या नहीं होने की पुष्टि हो सके।

इससे पहले सूरत के माधी गांव में चार पक्षी मृत मिले थे और इससे पहले जूनागढ़ में 55 पक्षियों की मौत हुई थी। राज्य के पशुपालन मंत्री कुंवरजी बवालिया ने प्रदेश में बर्ड फ्लू होने से इनकार किया है।

केंद्रीय विशेषज्ञों की टीम केरल पहुंची

तीन सदस्यीय केंद्रीय विशेषज्ञों की टीम बृहस्पतिवार को केरल पहुंच गई। यह टीम प्रदेश के अलपुझा और कोट्टयम में बर्ड फ्लू से उत्पन्न हालात से निपटने में मदद करेगी।टीम में केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. रुचि जैन, पुणे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिक डॉ. शैलेश पवार और दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अनिथ जिंदल शामिल हैं।जिले के अधिकारियों से बात करने के बाद टीम बर्ड फ्लू के हाटस्पॉट में से एक करुवट्टा पहुंचे।प्रदेश सरकार के अनुसार, दोनों जिलों में बुधवार तक बतख और चिकन समेत 69,000 से अधिक पक्षियों को मारा जा चुका है।

कर्नाटक और केरल में कई कौवों की मौत

केरल में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए कर्नाटक में भी इसका डर उत्पन्न हो गया है। केरल से लगते कर्नाटक के सीमावर्ती जिले दक्षिण कन्नड़ में छह कौवे मृत पाए गए हैं।इनकी मौत की वजह जानने के लिए इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। यह जानकारी बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने दी।

इन राज्यों में फिलहाल मामले नहीं

ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी सुरेश चंद्र मोहपात्रा ने संभावित बर्ड फ्लू के कारण संभावित हालात की समीक्षा की और एलान किया कि आज तक राज्य में संक्रमण का कोई मामला नहीं आया है। छत्तीसगढ़ में भी इसका कोई मामला नहीं है। पंजाब भी अब तक बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचा हुआ है। हां कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में 6 कौव्वों की मौत हो गई है।

राज्य स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टहर के सुधाकर ने कहा कि सैंपल को टेस्टिंग के लिए भेज दिया गया है और सीमावर्ती जिलों में संक्रमण को रोकने के उपाय किए जा रहे हैं। उत्तंराखंड के पशुपालन विभाग ने कंट्रोल रूप स्थापित किया है।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र पशुपालन विभाग को देखने वाले मंत्री सुनिल केदार ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में रेड अलर्ट जारी कर दिया है और जिला अधिकारियों से सख्त निगरानी करने को कहा है।

उन्होंने कहा, ‘हम अन्य राज्यों में सैंकड़ों पक्षियों की मौत के कारण सतर्क हो गए हैं। थाने में करीब 10-12 पक्षियों की मौत हो चुकी है हालांकि इनके सैंपल का टेस्ट किया गया और ये बर्ड फ्लू के लिए निगेटिव पाए गए हैं।’

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