बहुचर्चित ‘मदन-अंजू’ हत्याकांड’ में परिजनों ने सीएम भूपेश बघेल से की मुलाकात

‘बहुचर्चित ‘मदन अंजू’ हत्याकांड’ में परिजनों ने सीएम भूपेश बघेल से की मुलाकात
परिजनों ने कहा- 25 से 30 लाख रुपए एवं ज्वेलरी नहीं हुई बरामद
एसआईटी गठन कर नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की हुई मांग
रायगढ़ @ संदेशा 24 लैलूंगा नगर में 22 और 23 सितंबर की दरमियानी रात को हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता एवं नगर के एल्डरमेन व प्रतिष्ठित व्यवसायी मदन मित्तल एवं पत्नी अंजू मित्तल की शहर के बीचोबीच हुई आधी रात को सनसनीखेज हत्या से पूरे अंचल सहित छत्तीसगढ़ में सनसनी मच गई थी, घटना के बाद से ही छत्तीसगढ़ के कई शहरों में अग्र समाज के लोगों द्वारा घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। शहर के बीचो बीच हुए मित्तल दंपत्ति हत्याकांड के बाद बिलासपुर आईजी रतनलाल डांगी ने घटनास्थल का मुआयना किया था।रायगढ़ एसपी अभिषेक मीणा सहित पूरे जिले भर के पुलिस टीम ने चार नाबालिक सहित एक बालिग को गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश की बात कर रही है वही मामले में एक आरोपी के फरार होने की बात भी की जा रही है। मामले में पुलिसिया कार्यवाही पर मृतक मित्तल दंपत्ति के परिजन पूरी तरह से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। पुलिस की कार्यवाही से असंतुष्ट परिजनों ने लैलूंगा विधायक चक्रधर सिंह सिदार के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ।मृतक के परिजन मनीष मित्तल एवं विधायक चक्रधर सिंह ने मामले में एसआईटी का गठन कर पकड़े गए आरोपियों का नार्को और पॉलीग्राफ़ टेस्ट किए जाने की मांग सीएम भूपेश बघेल से की है।मृतक मित्तल दंपत्ति के परिजनों ने सीएम भूपेश बघेल से आवेदन के माध्यम से बताया कि पुलिस द्वारा जिन आरोपियों की शिनाख्त की गई है उनके पास ऐसा कोई साक्ष्य, सामान बरामद नहीं हुआ जिससे यह स्पष्ट हो सके कि अपराध इन्हीं के द्वारा किया गया है जबकि वारदात के बाद 25 से 30 लाख रुपए बैग समेत एवं ज्वेलरी नहीं पाया गया तथा आरोपियों से मात्र 80 हजार की बरामदगी कई संदेहो को जन्म देती है। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है वही पुलिसिया कार्यवाही के बाद परिजनों सहित क्षेत्र वासियों में पुलिस कार्यवाही को लेकर भारी असंतोष व्याप्त है।


