रायगढ़ के अतरमुड़ा क्षेत्र में नजूल भूमि पर अतिक्रमण पर आयुक्त महापौर की नजर

रायगढ़ के अतरमुड़ा क्षेत्र में नजूल भूमि पर अतिक्रमण पर आयुक्त महापौर की नजर
? 15 सालों के अवैध कब्जा टूटेगा या बचेगा ..
रायगढ़ @ संदेशा 17.7.2020
रायगढ़ नगर पालिक निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय और महापौर जानकी काटजू ने बीते दिनों साफ़-सफाई व्यवस्था की सुध लेने निकले अतरमुड़ा क्षेत्र में नजूल भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर पड़ गई।आयुक्त ने कब्जाधरियों को नोटिस देने को कहा है।
अतरमुड़ा क्षेत्र में अगर अवैध कब्जा और सरकारी जमीनों के खरीद-फरोख्त की बात की जाए तो तक़रीबन बीते 15 सालों से यहां यह अवैध कारोबार अपने पैर पसारे हुए है। तथाकथित भूमाफिया जनप्रतिनिधि की सरमायेदारी में ये अवैध कारोबार इस इलाके में फलता-फूलता रहा। चूंकि छत्तीसगढ़ में इस भूमाफिया जनप्रतिनिधि की पार्टी की सरकार काबिज़ थी। इसलिए इस क्षेत्र में कार्यवाही करने की हिम्मत निगम और नजूल के अधिकारियों की नही होती थी।बता दें कि इन 15 सालों में एक जनप्रतिनिधि ने इस इलाक़े में औरंगजेब की तरह बर्बरता पूर्वक जजिया और जकात कर की मानिंद नजूल जमीन की खरीद फरोख्त के लिए वसूली किया है। अगर लोगों की माने तो उस जनप्रतिनिधि ने अपने गैंग का इस तरह खौफ पैदा कर दिया था कि हर सरकारी जमीन की खरीदी बिक्री पर बेचने और खरीदने वाले उस जनप्रतिनिधि को टैक्स दिया करते थे। तब जाकर उन्हें उस जनप्रतिनिधि का आशीष मिलता था।
भूपेश सरकार अगर जांच कराए तो भूमाफिया का चेहरा हो सकता है उजागर…
15 सालों से सरकारी जमीन अतर मुड़ा क्षेत्र में लावारिश की तरह बिकती रही,न तो संबंधित अधिकारियों को ये अवैध बिक्री नजर आई और न ही जनप्रतिनिधियों को,लेकिन अब आयुक्त और महापौर ने जब अपनी आंखों से सब कुछ देखा तो अब उम्मीदें बढ़ गई है। इस इलाके की नजूल,कोटवारी और आबंटन भूमि की अब जांच कांग्रेस सरकार को करवानी चाहिए। निश्चिततौर पर ईमानदारी का चोला ओढ़े उस तथाकथित सफेदपोश जनप्रतिनिधि के काले कारनामे उजागर होंगे।

