तमनार पुलिस ने बनाया सैंकड़ों मितानीनों को साइबर प्रहरी, बताया गया साइबर जागरूकता का महत्व

तमनार पुलिस ने बनाया सैंकड़ों मितानीनों को साइबर प्रहरी, बताया गया साइबर जागरूकता का महत्वरायगढ़ रेंज में चलाया जा रहा “साइबर प्रहरी” अभियान तमनार @संदेशा 24पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज, रायगढ़ श्री राम गोपाल गर्ग द्वारा रायगढ़ पुलिस रेंज के अधीन पूरे में “साइबर प्रहरी” अभियान चलाया जा रहा है । इस अभियान के तहत थाने के आरक्षकों और अधिकारियों को बीट का चार्ज देकर उनके माध्यम से बीट क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य नागरिकों से संपर्क कर उनका व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ग्रुप में जोड़ा जा रहा है । इस ग्रुप में प्रतिदिन साइबर जागरूकता से रिलेटेड संदेश भेजे जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग साइबर के प्रति जागरूक हो सकें ।
डीआईजी रायगढ़ श्री राम गोपाल गर्ग के मंशा अनुरूप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री सदानंद कुमार द्वारा “साइबर प्रहरी” अभियान में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने और साइबर जागरूकता फैलाने हेतु सभी प्रभारियों को निर्देशित किया गया है । इसी क्रम में आज एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री दीपक मिश्रा एवं थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक आर्शीवाद राहटगांवकर के नेतृत्व में साइबर पहरी कार्यक्रम का आगाज करते हुये क्षेत्र की 350 मितानिनों को “साइबर प्रहरी” अभियान में जोड़ा गया है ।
थाना तमनार क्षेत्र में आयोजित मितानिनों के कार्यक्रम में उनसे चर्चा के लिये थाना प्रभारी ने प्रत्येक बीट के पुलिसकर्मियों को बुलाया गया । पुलिसकर्मियों द्वारा मितानिनों के समूहों से चर्चा करते हुए उन्हें अभियान की महत्ता को बताया गया जिसके बाद सैकड़ो मितानिनों ने साइबर प्रहरी में जुड़ने की इच्छा जताये कार्यक्रम में विधायक लैलूंगा श्री चक्रधर सिदार, पूर्व विधायक सुनीति राठिया, क्षेत्र के पंच, सरपंच की उपथिति में लगभग 350 की संख्या में मितानिनों को ग्रुप में जोड़ा गया है । विदित हो कि साइबर प्रहरी कार्यक्रम के तहत जिले के अन्य थानाक्षेत्रों में भी बीट पुलिसकर्मी रहवासियों को साइबर के प्रति जागरूक कर उनके स्वेच्छा से ग्रुप में जोड़ा जा रहा है । इस अभियान का महत्व साइबर जागरूकता तक सीमित नहीं है अपितु सोशल मीडिया के जरिए विभाग की मूलभूत इकाई आरक्षक प्रधान आरक्षक जैसे थाना स्टाफ को आम जनमानस के करीब लाना भी है। सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से गांव में होने वाली घटनाओं दुर्घटनाओं एवं संघ सूचनाओं की भी जानकारी पुलिस को समय रहते मिल सकती है आगामी चुनाव के मध्य नजर यह योजना कॉन्फिडेंस बिल्डिंग में भी कारगर साबित हो सकती है

