माइंस मिनरल एंड पीपल की 8 वीं महासभा तमनार में आयोजित ?खान,खनिज और लोग प्रभावितों की बात लोकसभा और राज्य सभा में पहुंचाएं -रेब्बाप्रगदा रवि

माइंस मिनरल एंड पीपल की 8 वीं महासभा तमनार में आयोजित
?खान,खनिज और लोग प्रभावितों की बात लोकसभा और राज्य सभा में पहुंचाएं – रवि रेब्बाप्रगदा
तमनार @ संदेशा 24 @ दुलेन्द्र पटेल 4.10.2023
माइंस मिनरल एंड पीपल (एमएमएंडपी) की 8 वीं महासभा “प्राकृतिक संसाधनों में सामुदाय की हिस्सेदारी” सामान्य जनसभा 3 व 4 अक्टूबर को मंगलम भवन तमनार में छत्तीसगढ़,आंध्र प्रदेश, तेलंगाना,मध्य प्रदेश,पश्चिम बंगाल, झारखंड, गोवा, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित खदानों और खनिज प्राकृतिक संसाधनों पर काम करने 200 पर्यावरणविद सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भारत की संविधान उद्देशिका पाठन किया गया।
आदिवासी छात्राओं द्वारा आओ प्रकृति की रक्षा करें – पेड़ न काटें विषय पर आदिवासी सांस्कृतिक लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति प्रभावशाली रहा।

अनुसूची क्षेत्र में स्थानीय संसाधनों को मूल निवासियों के साथ साझा किया जाना चाहिए,स्थानीय संसाधनों के उपयोग में ग्राम सभा की बहुत बड़ी भूमिका है, पेसा कानून ने ग्राम सभा को कई अधिकार दिये हैं,डीएमएएफ फंड का उचित कार्यान्वयन किया जाए, जनस्वास्थ्य व खाद्य सुरक्षा अभियान एवं योजनाओं को डिजाइन, निगरानी व लागू करने और सोशल ऑडिट कराने जैसे काम करने की जरूरत को बताया गया.

एमएमएंडपी के अध्यक्ष रवि रेब्बाप्रगदा सचिव अशोक श्रीमाली, राजेश त्रिपाठी,सविता रथ सहित अन्य लोगो ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से देश भर के खनन क्षेत्रों में आदिवासियों को यह धनराशि कैसे प्रदान की जा रही है, इस मुद्दे को समझाया गया। देश में डीएमएफ के माध्यम से सरकार द्वारा एकत्रित धनराशि लगभग 74 हजार 830.50 करोड़ रुपये,लेकिन डेंटलो के लोगों के लिए केवल खर्च 39 हजार 222.730 करोड़ रुपये था। सरकार की गणना से पता चलता है कि अभी भी 35 हजार 607.77 करोड़ रुपये बाकी है। डीएमएफ की धनराशि स्थानीय प्रभावित गांवों में खर्च करने के बजाय शहरों में खर्च पर चिंता व्यक्त की गई। इसके साथ ही खान खनिज और लोग माइंस मिनिरल एंड पीपुल संगठन का खदान प्रभावितों की बात लोकसभा और राज्य सभा के सदस्यों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी के निर्वहन करने और अन्य खनन प्रभावित जिलों में मजबूती के साथ महिलाओं और बच्चों की हालत पर काम करने के लिए मजबूत संगठन के निर्माण पर निर्णय लिया गया।

देशभर से आये खदानों और खनिज प्राकृतिक संसाधनों पर काम करने वाले सैकड़ो पर्यावरणविद सामाजिक कार्यकर्ताओं,प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,प्रचार प्रसार,खान पान आवास बेहतर व्यवस्था हेतु राजेश त्रिपाठी द्वारा आभार व्यक्त कर समापन घोषणा किया गया।


