कौआताल में शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा

तमनार @ संदेशा 24
जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था मथुरा के तत्वावधान में संस्थाध्यक्ष सन्त पंकज जी महाराज के सानिध्य में निकली 82 दिवसीय शाकाहार-सदाचार मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा ने छत्तीसगढ़ प्रान्त में अपना 33वाँ व अन्तिम पड़ाव तह. पुसौर में गांव कौआताल में डाला। यहां के नागरिक भाइयों, बहनों, बच्चों ने पारम्परिक वाद्य यन्त्रों व द्वीप प्रज्वलित कलशों से यात्रा का भव्य स्वागत किया।
आज यहां आयोजित सत्संग समारोह में पूज्य पंकज जी महाराज ने कहा सन्त महात्मा आम-अवाम की भलाई का सन्देश लेकर आते हैं, अपने आत्म कल्याण के प्रति अचेत लोगों को अनमोल मानव तन पाने का उद्देश्य समझाते हैं। ‘‘नर तन तुमने दुर्लभ पाया, कोटि जनम जब भटका खाया।। अब याको बिरथा मत खोओ, चेतो छिन-छिन भक्ति कमाओ।।’’ पंक्तियों को उद्धृत करते हुये कहा हे भाईयों, बहनों! एक नहीं करोड़ो जन्मों में भटकते हुये यह अनमोल मानव तन आप सबको प्राप्त हो गया। जो चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि इसमें प्रभु के पास जाने का दरवाजा है। इसलिये अब इसको ब्यर्थ न जाने दें। इसे सफल बनाने के लिये प्रभु प्राप्ति करने वाले सन्त सत्गुरु की आवश्यकता है। जब वह मिल जाते हैं तो आत्मा-परमात्मा के गूढ़ रहस्यों का भेद बताते हैं कि सारी आत्मायें प्रभु के देश से आने वाली आकाशवाणी, देववाणी, कलमा पर उतार कर लाई गईं। अब मरने के बाद कहां जायेंगे। ये प्रश्न तब हल होंगे जब सन्त सत्गुरु मिलेंगे और वे आत्मा को शब्द से जोड़ देंगे।
उन्होंने कलियुग की प्रभु प्राप्ति की सरल साधना सुरत-शब्द योग (नाम योग) पर प्रकाश डालते हुये ‘‘सतयुग त्रेता द्वापर बीता, काहू न जानी शब्द की रीता।’’ कलयुग में स्वामी दया विचारी प्रगट करके शब्द पुकारी।।’’ पंक्तियाँ उद्धृत किया तथा समझाया कि सारी रचना शब्द (नाम) पर आधारित है। सन्त पल्टू साहब ने कहा ‘‘उल्टा कुआं गगन में, तिसमें जरै चिराग, तिसमें जरै चिराग बिना रोगन बिन बाती। छः ऋतु बारह मास जलत रहै दिन राती।।’’ साधना करके जब आप अपनी आत्मा को शब्द से जोड़ लेंगे तो आप प्रकाश के चौड़े मैदान में खड़े हो जायेंगे, आप की दिव्य दृष्टि खुल जायेगी। आप त्रिकालदर्शी हो जायेंगे। आकाशवाणी को सुनकर आप का रोम-रोम पुलकित हो जायेगा। यह खजाना आप के अन्दर भरा हुआ है। यदि मानव शरीर में रहते आप ने प्रभु प्राप्ति की साधना न किया तो जीवन व्यर्थ चला जायेगा।
समाज की वर्तमान हिन्सा और अपराध की प्रवृत्ति पर बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी ने चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा यह स्थिति अशुद्ध आहार मांसाहार और शराब आदि मादक पदार्थों के पीने के कारण है। इसलिये हम समाज के सभी प्रबुद्ध लोगों, समाज सेवियों, धार्मिक जनों से विनम्र अपील करते हैं कि आप स्वयं शाकाहारी-सदाचारी रहते हुये समाज को शाकाहारी बनाने व शराब को छुड़ाने में सहयोग करके अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
उन्होंने आम जनता का आह्वान करते हुये कहा आप गांवों में लोगों को मांसाहार व शराब से मुक्त करने में भाग लें। जब गांव-गांव में भगवान का भजन होने लगेगा तो लोगों के विचार बदल जायेंगे। निश्चय ही कलयुग में रामराज सतयुग आ जायेगा। इस प्रकार हमारी युवा पीढ़ी बर्बादी से बच जायेगी।
उन्होंने आगामी 24 से 26 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में आयोजित होने वाले होली सत्संग में आने का निमन्त्रण दिया तथा बताया कि मथुरा में वरदानी जयगुरुदेव मन्दिर बना है जहाँ बुराइयाँ चढ़ाने पर मनोकामना की पूर्ति होती है। जिला-इटावा (उ.प्र.) में तहसील- भरथना के गाँव खितौरा धाम में बाबा जी की पावन जन्मभूमि है यहाँ पर भी भव्य वरदानी मन्दिर बना है। यहाँ सभी सम्प्रदायों के लोग आते हैं।
इस अवसर पर जयगुरुदेव संगत छत्तीसगढ़ के पर्यवेक्षक जसवन्त प्रसाद चौरसिया, प्रान्तीय अध्यक्ष डॉ. कमल सिंह पटेल, जिलाध्यक्ष एवं महामन्त्री हेमशंकर पटेल ‘मुन्ना’, श्याम सुन्दर चौहान संगठन मंत्री, बैरागी राठिया प्रवक्ता, कार्यक्रम प्रभारी करण सिंह पटेल, नेहरू पटेल, कुन्जराम पटेल, गुरुचरन पटेल, सहयोगी संगत कुशीनगर उ.प्र. के राजेन्द्र चौधरी, रामपति सिंह, नरसिंह सिंह, विजय गुप्ता आदि सहित संस्था के कई पदाधिकारी एवं प्रबन्ध समिति के सदस्य मौजूद रहे।

