पीएचसी लिबरा में आयुर्वेदिक अश्वगंधा चूर्ण व गिलोय,त्रिकटु काढा का वितरण के साथ पौधारोपण

पीएचसी लिबरा में आयुर्वेदिक अश्वगंधा चूर्ण व गिलोय,त्रिकटु काढा का वितरण के साथ पौधारोपण

तमनार @ संदेशा दुलेंद्र पटेल
छत्तीसगढ़ शासन आयुष विभाग के संचालक व जिलाध्यक्ष श्री भीम सिंह के दिशा निर्देशन जिला आयुर्वेद अधिकारी रायगढ़ संरक्षक डॉ जीएस पटेल,बीएमओ डॉ डी एस पैकरा कुशल मार्गदर्शन मे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिबरा में के साथ काढ़ा हुआ अश्वगंधा चूर्ण व गुड़चि क्वाथ एवं त्रिकटु काढा का वितरण कर कोरोना से बचाव इम्युनिटी पावर बढाने एवं रोगमुक्त शरीर के लिए दीर्धायु जीवन हेतु आयुर्वेद पद्धति के बारे में जानकारी दी गई।परिसर में मुनगा,पपीता,सीताफल,अमरूद फलदार पौधारोपण किया गया। नागरामुडा, टाँगर घाट,हमीरपुर महलोई जोबरो,सलिहारी के कवारेन्टीन सेंटर हेतु त्रिकटु चूर्ण गुड़चि क्वाथ का वितरण किया गया। साथ ही साथ जी तुलसी अदरक दालचीनी काली मिर्च हल्दी व गुडुची को मिलाकर काढ़ा बनाकर दिन में दो बार पीने की सलाह दी गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लिबरा,हमीरपुर,महलोई,उप स्वास्थ्य सलिहारी में सैकड़ो लोगो को वितरण किया गया।
डॉ. राजेश पटेल ने बताया कि आयुर्वेद के दो मुख्य उद्देश्य स्वस्थ्य व्यक्ति के स्वास्थ्य रक्षा करना,रोगी व्यक्ति के रोग का उपचार करके रोग को दूर करना है।आयुर्वेद से होने वाले लाभ व उपयोग के बारे में जानकारी भी दी गई
दैनिक व ऋतु अनुकूल दिनचर्या एवं ऋतुचर्या की जानकारी दी गई। प्राचीन भारतीय चिकित्सा आयुर्वेद पद्धति का जीवन में आत्मसात करना चाहिए।जनोपयोगी,रोगमुक्त शरीर के लिए दीर्धायु जीवन हेतु आयुर्वेद को अपनाते सरकार की योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ लेने अपील किया गया।

