हालाहुली में निजी गोदाम में रखा था समिति का खाद, संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

हालाहुली में निजी गोदाम में रखा था समिति का खाद, संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
*अवैध भंडारण का मामला, निजी गोदाम से खाद जब्त*
*जिलेभर में उर्वरक जांच अभियान तेज, अवैध भंडारण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई*
रायगढ़ @संदेशा 24
खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी एवं अवैध भंडारण पर रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर के निर्देश पर जिलेभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम हालाहुली स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने समिति में उपलब्ध पीओएस मशीन के रिकॉर्ड एवं गोदाम में मौजूद भौतिक स्टॉक का मिलान किया। जांच में समिति के रिकॉर्ड और उपलब्ध खाद के स्टॉक का मिलान सही पाया गया।

हालांकि निरीक्षण के दौरान एक गंभीर अनियमितता सामने आई, जिसमें समिति प्रबंधक द्वारा समिति के खाद का निजी गोदाम में अवैध रूप से भंडारण किया जाना पाया गया। संयुक्त जांच दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निजी गोदाम में रखे गए संपूर्ण खाद को जब्त कर लिया। जब्त उर्वरक को आगामी आदेश तक संबंधित समिति प्रबंधक की सुपुर्दगी में रखा गया है। मामले की विस्तृत जांच प्रतिवेदन तैयार कर अग्रिम कार्रवाई एवं आवश्यक निर्देशों के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित कर दिया गया है।
कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को उर्वरक प्रबंधन और निगरानी के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जांच एवं फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं, जो खाद के भंडारण, वितरण और परिवहन की लगातार निगरानी करेंगे। प्रशासन को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से खाद के अवैध भंडारण एवं संभावित लीकेज संबंधी शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि आगामी तीन दिनों तक विशेष जांच अभियान चलाकर सभी तहसीलों में उर्वरक भंडारण केंद्रों, सहकारी समितियों एवं निजी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाए तथा कहीं भी अवैध भंडारण पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना तथा उर्वरक की कालाबाजारी और कृत्रिम संकट की स्थिति को रोकना है।


