रायगढ़ कलेक्टर ने की सभी एसडीएम और तहसीलदार के कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा

रायगढ़ कलेक्टर ने की सभी एसडीएम और तहसीलदार के कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा

रायगढ़ @ संदेशा दुलेंद्र पटेल 25.7.2020
कलेक्टर श्री भीम सिंह ने आज कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में जिले के समस्त राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व विभाग के कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान न्याय योजना की समीक्षा करते हुये जिले के सभी एसडीएम और सभी तहसीलदार को कहा कि जिले में 95 प्रतिशत किसानों का पंजीयन हो गया है शेष 5 प्रतिशत किसानों का पंजीयन करें और जिले के शत-प्रतिशत पात्र किसानों को इस योजना का लाभ दिलावे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि राजस्व अधिकारी, पटवारी तथा कृषि विभाग के आरईओ एक साथ मिलकर इस कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करें। साथ ही जिन किसानों को इस योजना से अपात्र पाया गया है जैसे शासकीय नौकरी, 10 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक पेंशन अथवा आयकर दाता, मृतक भू-स्वामी के वारिसों का नाम दर्ज नहीं होने या अन्य कारणों सहित पूर्ण जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से उन्हें प्रस्तुत किया जाये। उन्होंने कहा कि विभागीय कर्मचारियों के लिये यह जानकारी संख्यात्मक हो सकती है परंतु एक ग्रामीण किसान को 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष प्राप्त होना बहुत बड़ी उपलब्धि है। अत: इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता से पूर्ण करें और जिन किसानों का पंजीयन आधार नंबर, बैंक खाता नंबर तथा नाम के अक्षरों में अंतर (स्पेलिंग मिस्टेक)के कारण त्रुटिपूर्ण हो उसे भी शीघ्र दूर किया जाये। उन्होंने यह भी निर्देशित किया किसानों को प्रलोभित कर उन्हें अनुचित लाभ दिलाने के लिए गलत ढंग से किसानों का पंजीयन करने वाले व्यक्तियों और सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर)के संचालकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करावे।

कलेक्टर श्री भीम सिंह ने सामुदायिक वनभूमि अधिकार पट्टा तथा व्यक्तिगत वनभूमि अधिकार पट्टा के प्रस्तावों की प्रगति के बारे में राजस्व अनुविभाग के अनुसार समीक्षा करते हुये कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप सामुदायिक वन अधिकार पट्टा शीघ्र प्रदान किया जाना है अत: इसके प्रस्ताव ग्राम सभा में पारित करवाकर एक सप्ताह में कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध करावें ताकि आगे की कार्यवाही की जा सके। कलेक्टर श्री सिंह ने राजस्व अधिकारियों को नजूल जमीन पर रहने वाले व्यक्तियों के पट्टे का नवीनीकरण कर और फ्री होल्ड किये जाने और आवासीय पट्टे पर व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों का नियमानुसार नवीनीकरण किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने नजूल भूमि पर अवैध रूप से कब्जाधारियों का वास्तविक सर्वेक्षण कर नियमानुसार राशि जमा करने के नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिये। राज्य शासन द्वारा अवैध कब्जाधारी व्यक्तियों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिये अच्छा अवसर प्रदान किया गया है। इसमें व्यक्ति जहां निवासरत है उस जमीन/मकान का निर्धारित शुल्क जमा करके नियमितिकरण करा सकते है। ऐसे व्यक्ति जो एकमुश्त राशि नहीं जमा करा सकते है उन्हें स्थानीय प्रशासन की ओर से बैंक से ऋण दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को नगर निगम और लीड बैंक प्रबंधक के माध्यम में वार्डवार नियमितीकरण के लिये सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुये कैम्प आयोजित करने के निर्देश भी दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने गिरदावरी का कार्य किसानों के वास्तविक फसल का सत्यापन कर पटवारी और आरइओ को संबंधित किसान का फसल के साथ फोटो खींचकर सुरक्षित रखने और इसी आधार पर रिपोर्ट की प्रविष्टि ‘भुईंया ‘ के माध्यम से करने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि ‘मिसल ‘ की नकल प्राप्त करने के लिये ग्रामीणजनों को रायगढ़ जिला मुख्यालय नहीं आना पड़े। ऑन लाईन रिकार्डो की प्रविष्टि कर इसे तहसील कार्यालयों से ही प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये इससे ग्रामीणों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपको जनता की सेवा और न्याय करने का अवसर मिला है इसलिए बिना किसी दबाव के शासन के नियमों के मुताबिक निष्पक्षता से अपना कार्य करें और नामांतरण, बटवारा, उत्तराधिकार तथा भू-अर्जन के प्रकरणों का निपटारा निर्धारित समय में पूरा करें और आपके न्यायालय का समय और तिथि निर्धारित कर प्रकरणों की सुनवाई करें।

कलेक्टर श्री सिंह ने भू-अर्जन, आकस्मिक घटना में मृतक व्यक्तियों के परिजनों तथा दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के मुआवजा प्रकरण लंबित होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये इनका निपटारा एक माह के भीतर करने के निर्देश दिये और अधिक समय से लंबित प्रकरणों के विलंब के कारण सहित जानकारी उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
कलेक्टर श्री सिंह ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिये सभी एसडीएम और उद्योग विभाग के अधिकारी को जिले में स्थापित उद्योग प्रबंधन से आगामी एक माह तक राज्य से बाहर के मजदूरों को नहीं बुलाये जाने के निर्देश दिये। इनके लिये सभी उद्योग प्रबंधन अपने मजदूरों को मोबाइल फोन के माध्यम से एक माह तक नहीं आने का मैसेज भेज सकते है।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री आर.ए.कुरूवंशी, जिले के समस्त एसडीएम, सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित थे।

