गोल्डन कार्गो ट्रांसपोर्टर ने सोहनपुर के दखल रहित नीरा क्षेत्र घांस मद सरकारी भूमि में डाले लाखो टन फ्लाई ऐश राखड़

गोल्डन कार्गो ट्रांसपोर्टर ने सोहनपुर के दखल रहित नीरा क्षेत्र घांस मद सरकारी भूमि में डाले लाखो टन फ्लाई ऐश राखड़
आखिर किसने दी सरकारी जमीन में फ्लाई ऐश राखड़ डालने की एनजीटी समिति की एन ओ सी*
*क्या गोल्डन कार्गो ट्रांसपोर्टर को एनजीटी के नियमों तहत होगा प्रति टन 1500 रुपये का जुर्माना
घरघोड़ा @ संदेशा 24
घरघोड़ा से महज 25 किलोमीटर लैलूंगा मुख्य मार्ग से लगा हुआ ग्राम सोहनपुर के किनारे दखल रहित नीरा क्षेत्र सरकारी घांस मद की भूमि जिसका खसरा नम्बर 708,341,367,369,370,382,
रकबा 0,8400 हेक्टेयर 0,3700, 0,300 हेक्टेयर 0,09300 हे. 0,1300 हे. 0,2000 हेक्टेयर है जिसमें अवैध तरीके से बिना अनुमति के गोल्डन कार्गो ट्रांसपोर्टर ने लाखों टन फ्लाई ऐश राखड़ डाल दिया है सूत्रों से जानकारियां मिली है कि सोहनपुर के बगल में ही एक मायनिंग विभाग की पत्थर की खदान है जिसे ग्राम पंचायत एवं अन्य विभागों से NOC परमिशन लेकर इसी ट्रांसपोर्टर द्वारा फ्लाई ऐश राखड़ डाला जा रहा है ट्रांसपोर्टर की चालाकी देखें की मायनिंग के कागज के एवज में थोड़ी दूरी में ही सरकारी जमीन हैं जिसमें किसी प्रकार की भी पर्यावरण द्वारा अनुमति नहीं दी जा सकती उसमें लाखों टन गोल्डन कार्गो के ट्रांसपोर्टर ने फ्लाई ऐश राखड़ डाल दिया ट्रांसपोर्टर द्वारा बेख़ौफ़ धड़ल्ले से रोजाना हजारों टन TRN कंपनी एवं प्राइवेट लिमिटेड ग्राम भेंगारी घरघोडा से फ्लाई ऐश राखड़ लेकर घरघोड़ा बाईपास होते हुए टेरम से ढोरम रोड होते हुए लैलूंगा रोड के सोहनपुर में रोजाना ओवरलोड से भरी डम्फर ट्रके चल रही है।

*क्या एनजीटी के नियमानुसार पर्यावरण विभाग ट्रांसपोर्टर या TRN कंपनी एवं पावर लिमिटेड को करेगा प्रति टन 1500 रूपए का जुर्माना*
सवाल अब यह उठता है कि दखल रहित नीरा क्षेत्र सरकारी जमीन में लाखों टन फ्लाई ऐश राखड़ डालें गए हैं जो कि बिना अनुमति के बताए जा रहे हैं और अगर अनुमति भी है तो क्या सरकारी दखल रहित नीरा क्षेत्र घांस मद की भूमि की अनुमति उक्त TRNकंपनी यां ट्रांसपोर्टर को किसने दिया, क्या जिम्मेदार अधिकारियों सरकारी जमीन का मौका निरीक्षण कर पटवारी प्रतिवेदन लेकर तहसील और एसडीएम से अनुमति ली और क्या एनजीटी जांच दल के विभागों जिसमें पर्यावरण खनिज विभाग राजस्व एवं फॉरेस्ट इन सबसे अनुमति ली गई या नहीं ली गई, और जब नहीं ली गई है, तो क्या पर्यावरण विभाग उक्त कंपनी TRN पावर लिमिटेड या उसके ट्रांसपोर्टर को एनजीटी के नियमानुसार प्रति टन 15 सौ रुपए का जुर्माना करेगी या फिर खाना पूर्ति कर मामले को रफा दफा कर देगी क्षेत्र की जनता संवेदनशील नए कलेक्टर से उम्मीद कर रहे हैं

कि इसकी जांच अभिलंब की जाए, और दोषी पावर कंपनी और उसके ट्रांसपोर्टर के ऊपर जुर्माना किया जाये , ताकि वह दोबारा ग्रामीण क्षेत्र को फ्लाई ऐश राखड़ से प्रदूषित न करें, और उक्त सरकारी जमीन में डंपिंग फ्लाई ऐश राखड़ को तत्काल वहां से दूसरे जगह शिफ्ट कराये।


