कसडोल तमनार में अधिगृहित जमीन वापस हेतु ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम, @ एसडीएम,एसडीओपी के समझाईस से हुआ समापन

कसडोल तमनार में अधिगृहित जमीन वापस हेतु ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम,एसडीएम,एसडीओपी के समझाईस से हुआ समापन
तमनार @संदेशा 24
रायगढ़ जिले के तहसील तमनार अंतर्गत बरभांठा चौक तमनार में सैकड़ो ग्रामीणों,प्रभावित किसान,व्यवसायियों ने ग्राम कसडोल व तमनार में जिंदल पॉवर लिमिटेड औद्योगिक प्रायोजन हेतु शासन द्वारा अधिगृहित जमीन की जमीन वापसी, मुआवजा,नौकरी अन्य समस्याओं को लेकर 19 दिसम्बर मंगलवार को चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। व्यापारी संघ तमनार द्वारा समस्त दुकानों को बंद कर शत प्रतिशत समर्थन दिया गया।

चक्का जाम से सड़क की दोनों ओर सैकड़ो भारी वाहनों की कतार लग गई। एसडीएम घरघोड़ा ऋषा ठाकुर,तहसीलदार तमनार रिचा सिंह,एसडीओपी धरमजयगढ़ दीपक मिश्रा टीआई तमनार आशीर्वाद राहटगांवकर मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाइस दी गई। एसडीएम द्वारा कसडोल व तमनार की संयुक्त जमीन नहरीखार में औद्योगिक कार्य जांच कार्यवाही कराने आश्वासन के बाद चक्का जाम समापन किया गया।
भू प्रभावित ग्रामीणों की मुख्य मांगो में तमनार और कसडोल की संयुक्त जमीन नहरीखार जिसका उद्योग लगाने का कार्यकाल खतम हो चुका है इस जमीन का रकबा खसरा किसानों के नाम यथावत किया जावे ताकि किसान धान बेच सकें।अनुसूचति क्षेत्र होने के कारण बिना ग्राम सभा के तमनार और कसडोल की जमीन पर अवैध कब्जा करवाना बंद कराई जावे। सीएसआर और डीएमएफ फंड राशि सिर्फ प्रभावित क्षेत्र में ही गरीबों किसानों और आम जनता के विकास में लगाया जावे। जिन किसानों की जमीन जिंदल कम्पनी में गई है उनके बच्चों को जिंदल कम्पनी के स्कूल कालेजों में मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराया जावे । पॉवर प्लॉट के प्रदूषण से प्रभावित सभी परिवारों को प्रदूषण मुआवजा दिया जावे ।

पावर प्लाट से प्रभावित क्षेत्र को मुफ्त में बिजली प्रदान किया जावे।मिलूपारा से रायगढ़ तक सड़क को तत्काल बनाया जावे।कम्पनियों में क्षेत्रीय बेरोजगारों को उनके योग्यता के अनुसार काम दिलाई जावे । पावर प्लॉट में जिन किसानों की जमीन गई उन किसानों के परिवार को तत्काल नौकरी प्रदान किया जावे। ग्राम पंचायत कसडोल व तमनार की भूमि पर किसी भी प्रकार का कोई भी औधोगिक कार्य नहीं करने व समस्याओं पर तत्काल कार्यवाही करते निराकरण करने जिलाधीश रायगढ़ के नाम लिखित आवेदन दी जाएगी।
आवेदन में ग्राम कसडोल एवं ग्राम तमनार की कृषि भूमि को शासन द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु अधिग्रहण प्रकरण 2012-13 के अनुसार कसडोल की 52.628 हे. एवं तमनार का 38.783 हे.जमीन का अधिग्रहण किया गया है यह कि कृषि भूमि की अधिग्रहण के लिए कम से कम 60% प्रभावित किसान परिवारों की सहमति आवश्यक है। इस अधिग्रहण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रभावित किसानों को सूचित किए बिना ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों से ही लिया गया है। धारा 4,6 के प्रकाशन के पश्चात प्रभावित किसानों द्वारा अधिग्रहण अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घरघोडा में अधिग्रहण के विरोध में लिखित शिकायत प्रस्तुत किया गया लेकिन उनकी सुनवाई न करते हुए एक पक्षीय अवार्ड पारित कर दिया गया। भू-अर्जन प्रक्रिया 2 वर्ष समाप्त हो जाने के बाद की गई हैं। 2015 में अवार्ड पारित हो जाने के पश्चात भूमि का निर्धारण उपयोग 5 वर्ष में पूर्ण कर लेना है। अन्यथा जमीन किसानों को वापस किए जाने का नियम है। भू-अर्जन पुनर्वास नीति पालन नहीं किया जा रहा है। यह कि पीडित किसानों के द्वारा पुनर्वास नीति का पैसा नही लिया गया है और इस पैसा को पीडित किसान लेना भी नहीं चाहते और भारतीय संविधान के अनुसार 2013 के भू-अर्जन नियम के तहत किसान अपनी जमीन वापिस लेना चाहते हैं चूंकि यह जमीन कृषि भूमि है और यहाँ किसान हमेशा दो फसली तीन फसली खेती किसानी करते रहते हैं। लेकिन फिर भी जिंदल कम्पनी द्वारा पुलिस का भय दिखा कर किसानों की जमीनों को छीना जा रहा है। भू-अर्जन निरस्त कर जमीन किसानों को वापिस की जावे। यह कि पूरी तमनार विकास खण्ड संविधान के अनुच्छेद 244 (1) 5 वीं अनुसूचित क्षेत्र है। यह कि अधिग्रहित भूमि पर भू-अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार 2013 भाग 4 धारा 24 के अनुसार पारित अवार्ड की भूमि पर 5 वर्षों के अंदर सरकार या संबंधित कम्पनी द्वारा उसका उपयोग नहीं किया जाता है तो उसका अधिकार भू-मालिक को पुनः वापस कर दिया जाता है एवं पुनः अधिग्रहण के लिए नए अधिग्रहण नियमानुसार मुआवजा देना होता है।


