नैनो उर्वरकों ने बदली खेती की तस्वीर, किसान जगदीश प्रधान को मिला बेहतर उत्पादन

नैनो उर्वरकों ने बदली खेती की तस्वीर, किसान जगदीश प्रधान को मिला बेहतर उत्पादन
*जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अपनाई आधुनिक तकनीक
*पांच एकड़ में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के प्रयोग से फसल वृद्धि और उत्पादन में मिला सकारात्मक परिणाम
*लागत में आई कमी, खेती बनी अधिक लाभकारी
रायगढ़ @संदेशा 24
खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग से किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादन लागत कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। रायगढ़ विकासखंड के ग्राम भिखारीमाल निवासी किसान जगदीश प्रधान ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का उपयोग कर खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
जगदीश प्रधान ने अपनी लगभग पांच एकड़ कृषि भूमि में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया। वे बताते हैं कि कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन से उन्हें इन उर्वरकों के सही उपयोग की समझ मिली। इसके बाद उन्होंने अपनी फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग शुरू किया, जिसके परिणाम उत्साहजनक रहे। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधे अधिक स्वस्थ एवं हरे-भरे दिखाई दिए तथा उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला। साथ ही अन्य उर्वरकों की तुलना में लागत कम हुई और पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ी, जिससे खेती अधिक लाभकारी बन सकी।
जगदीश प्रधान का कहना है कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ने का कार्य कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। बता दे कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को नवाचार आधारित खेती से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। जिला प्रशासन ने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसे आधुनिक उर्वरकों का उपयोग करें और वैज्ञानिक खेती अपनाकर अपनी आय एवं उत्पादन में वृद्धि करें।
