ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय में ‘सेवा के संकल्प’ के साथ उत्साहपूर्वक मनाई गई बाबूजी की जयंती

ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय में ‘सेवा के संकल्प’ के साथ उत्साहपूर्वक मनाई गई बाबूजी की जयंती
तमनार @ संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में जिंदल समूह के संस्थापक श्री ओमप्रकाश जिंदल जी (बाबूजी) की 96वीं जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार, कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा बाबूजी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर कुलपति डॉ. पाटीदार ने बाबूजी के पुण्य स्मरण के साथ सभी को जयंती की शुभकामनाएँ दीं तथा उपस्थित प्राध्यापकों एवं स्टाफ को संबोधित किया।
अपने उद्बोधन में डॉ. पाटीदार ने कहा कि बाबूजी न केवल हम सभी के लिए एक महान प्रेरणास्त्रोत हैं, बल्कि वे ऊर्जा, संकल्प और कर्मठता के प्रतीक भी हैं। उन्होंने अपने अथक प्रयासों से सपनों को साकार किया। वे भारत के इस्पात उद्योग के एक प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं दूरदर्शी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक संवेदनशील और मानवीय व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने आगे कहा कि बाबूजी का जीवन औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ समाज सेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उनके द्वारा स्थापित आदर्श और मूल्य आज भी विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम ‘सेवा के संकल्प’ को आत्मसात करते हुए बाबूजी के पदचिह्नों पर चलकर एक सशक्त, समृद्ध एवं संवेदनशील राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।
बाबूजी की जयंती को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के पुंजिपथरा स्थित परिसर में एक बृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विभिन्न प्रकार के छायादार एवं पर्यावरण संरक्षण में सहायक पौधों का रोपण किया। साथ ही श्रमिक कर्मचारियों को उपहार भी प्रदान किए गए।
इसके अतिरिक्त, बाबूजी के जन्मदिवस को और अधिक सार्थक बनाने हेतु कुलपति डॉ. पाटीदार अपने सहयोगियों के साथ गोद ग्राम अमलीडीह स्थित नेत्रहीन बाल विद्या मंदिर पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया, मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित किया तथा विद्यालय को आवश्यक ग्रोसरी एवं स्टेशनरी सामग्री भेंट की।
ज्ञातव्य है कि बाबूजी के नाम पर ही रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2014 में राज्य अधिनियम (अधिनियम क्रमांक 13) के अंतर्गत जिंदल समूह द्वारा की गई थी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य देश एवं विदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करना है। विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, उच्च गुणवत्ता वाले पाठ्यक्रमों, अनुभवी संकाय, अत्याधुनिक अवसंरचना तथा जीवंत परिसर वातावरण के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।



