खूब पढ़े और लैलूंगा क्षेत्र का नाम सदैव ऊँचा करे- विधायक चक्रधर सिंह सिदार
खूब पढ़े और लैलूंगा क्षेत्र का नाम सदैव ऊँचा करे- विधायक चक्रधर सिंह सिदार
लैलूंगा 24.6.2020
बनांचल आदिवासी बाहुल्य लैलूंगा विधान सभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक चक्रधर सिदार ने छात्र- छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि विधानसभा लैलूंगा के उन छात्र-छात्राओं को जो सर्वाधिक अंक प्राप्त करके पूरे विधानसभा का नाम ऊंचा किया है और लैलूंगा विधानसभा आदिवासी क्षेत्र है, पिछड़ा हुआ इलाका है और पिछड़ेपन का मुख्य कारण अशिक्षा है जिसे हम दूर करेंगे ऐसा हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री को तहे दिल से बधाई देता हूं। प्रदेश की सरकार धर्मपुरा में हाईटेक इंग्लिश मीडियम खोल रही है। यह सर्व सुविधा युक्त प्रदेश का पहला स्कूल होगा। विधायक ने कहा कि हम भी मुख्यमंत्री से हमारे इस आदिवासी बहुल क्षेत्र के लिए ऐसी सुविधा की मांग करेंगे जिससे हमारे होनहार विद्यार्थियों को पढ़ने में और रुचि बढ़ेगी। वैसे तो लैलूंगा क्षेत्र शिक्षा के इतिहास में शुरू से ही रायगढ़ जिले में अग्रणी है। लैलूँगा से पढ़कर सभी लोग बड़े-बड़े पदों पर आसीन हैं आज लैलूंगा विकास खण्ड का बकरी चराने वाला आदिवासी बालक आज वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा कर रहा है, वहीं लैलूँगा विकास खण्ड एक बालक आज प्रदेश में ही कलेक्टर बनकर प्रदेश की सेवा कर रहा है। यहां तक कि जापान अमेरिका जैसे देशों की यात्राएं कर वहां निवासरत भी हैं और क्षेत्र के एक आदिवासी एवं पिछड़े हुए इलाके का मैं स्वयं एक विद्यार्थी रहा हूं जो कि इस क्षेत्र की जनता ने मुझे अपने प्रदेश के महापंचायत में भेजा है तो मैं बचपन से पढ़ाई में रुचि रखता था और मुझे उस समय कुछ बुनियादी समस्याएं जैसे आने जाने का साधन नहीं था, इस वजह से मैं अपने गृह ग्राम कटकलिया को छोड़ कर लैलूँगा मुख्यालय में जा कर अपने रिश्तेदारों के यहां निवास कर अध्ययन किया हूं। निश्चित ही त्याग से सफलता मिलती है आज जिन विद्यार्थियों ने अच्छे अंक प्राप्त करके सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है उन विद्यार्थियों के द्वारा निश्चित ही पूरी लगन और निष्ठा से अध्ययन कार्य किया गया होगा, तभी उन्हें आज यह स्थान मिला है और साथ-साथ उनके शिल्पी शिक्षकों को भी मैं धन्यवाद देकर आभार व्यक्त करना चाहता हूं जिन्होंने बड़ी लगन और मेहनत से अपने विद्यार्थियों को पढ़ाया। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार एक माली की देखरेख में एक छोटा सा पौधा 1 दिन विशाल वृक्ष बन कर लोगों को अपने छाया और फल देता है वैसे ही माली के द्वारा जो एक छोटे से पौधे को पुष्पित और पल्लवित किया गया उसका परिणाम छाया और मधु फल के रूप में वह वृक्ष तैयार हुआ ठीक उसी तरह माली रूपी शिक्षकों ने हमारे विद्यार्थियों को पुष्पित और पल्लवित किया। जिससे हमारे विद्यार्थी क्षेत्र का गौरव बढ़ाएं हैं।