ओपीजेयू में IEEE-प्रायोजित तीन दिवसीय वैश्विक तकनीकी सम्मेलन OTCON 5.0 सफलतापूर्वक संपन्न

ओपीजेयू में IEEE-प्रायोजित तीन दिवसीय वैश्विक तकनीकी सम्मेलन OTCON 5.0 सफलतापूर्वक संपन्न
(ओपीजेयू में नवाचार, शोध उत्कृष्टता और उद्योग–अकादमिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से “स्मार्ट कंप्यूटिंग फॉर इन्नोवेशन एंड एडवांसमेंट इन इंडस्ट्री 5.0” विषय पर 26 जून से 28 जून 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।)
तमनार @ संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ द्वारा IEEE प्रायोजित “स्मार्ट कंप्यूटिंग फॉर इन्नोवेशन एंड एडवांसमेंट इन इंडस्ट्री 5.0” विषय पर तीन-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन (OTCON 5.0) का आयोजन 26 जून से 28 जून 2026 के दौरान सफलतापूर्वक किया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स (IEEE) द्वारा प्रायोजित इस पाँचवें अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड (भौतिक एवं वर्चुअल) माध्यम से संपन्न हुआ। इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य विश्वभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, शासकीय प्रतिनिधियों, उद्योग एवं कॉर्पोरेट जगत के विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं तथा अन्य सभी हितधारकों को एक साझा मंच प्रदान करना था। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग, संचार एवं नेटवर्किंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे बहुआयामी क्षेत्रों में अपने शोध, निष्कर्ष एवं नवाचारों को साझा करने का अवसर मिला, जिससे सतत विकास की संभावनाओं को सुदृढ़ किया जा सके।

सम्मेलन में देश-विदेश से जुड़े वैज्ञानिकों, प्रोफेसरों, शोधार्थियों, उद्योग विशेषज्ञों एवं शिक्षाविदों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान प्रतिभागियों को उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में अपने मौलिक शोध कार्य प्रस्तुत करने तथा नवीनतम अनुसंधान प्रवृत्तियों से अवगत होने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
सम्मेलन के प्रथम दिन, 26 जून को विश्वविद्यालय के पूंजीपथरा परिसर के सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में डॉ. आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों एवं रूपरेखा से सभी को अवगत कराया। डॉ. पाटीदार ने अपने संबोधन में कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य नवीन प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हो रहे वैश्विक विकास से जुड़े शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों एवं अन्य हितधारकों को एक साझा मंच पर लाना है, जिससे उद्योग और शिक्षा के बीच की खाई को पाटा जा सके। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श एवं मंथन के माध्यम से सार्थक योजनाओं के निर्माण की दिशा में यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण पहल है। प्राप्त शोध-पत्रों की गुणवत्ता एवं उच्च कोटि के विद्वानों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सम्मेलन अपने उद्देश्यों की प्राप्ति में सफल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मेलन प्रतिभागियों के लिए एक सशक्त अनुसंधान नेटवर्क विकसित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है, जिससे उन्हें नवीन प्रौद्योगिकियों को सीखने और समझने का अनूठा मंच मिलता है। इंडस्ट्री 5.0 को उन्होंने केवल तकनीकी प्रगति का युग न मानते हुए मानव और मशीन के बीच सामंजस्यपूर्ण सहयोग की नई शुरुआत बताया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता निभाएँ, अपने विचार साझा करें और मिलकर ऐसे भविष्य के निर्माण में योगदान दें, जहाँ स्मार्ट तकनीक और इंडस्ट्री 5.0 के माध्यम से एक बेहतर एवं उज्ज्वल समाज का निर्माण संभव हो सके। इस अवसर पर उन्होंने ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति का उल्लेख करते हुए जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल एवं विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल जी के प्रति उनके मार्गदर्शन एवं सतत सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता भी व्यक्त की।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. जी. एस. तोमर (चेयरमैन, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. टी. पी. सिंह (प्रो-वाइस चांसलर, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, लखनऊ), श्री देबज्योति रॉय (कार्यकारी निदेशक, जिंदल स्टील, रायगढ़), डॉ. मनीष दीक्षित (चेयर-इलेक्ट, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन), डॉ. जितेंद्र अग्रवाल (वाइस चेयर, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन), डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. अशोक भंसाली (डीन, IET, GLA विश्वविद्यालय, मथुरा) तथा डॉ. डी. एस. सिसोदिया (प्रोफेसर, NIT रायपुर) ने अपने विचार व्यक्त किए। मुख्य अतिथि प्रो. जी. एस. तोमर ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान को इस स्तर तक पहुँचाने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता, दूरदर्शिता और समर्पण अत्यंत आवश्यक है, तथा उन्होंने अकादमिक उत्कृष्टता के लिए ओपीजेयू टीम के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “विकास की यात्रा विचारों के आदान-प्रदान से प्रारंभ होती है, और इस प्रकार के सम्मेलन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ विद्वान और विशेषज्ञ एक बेहतर एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण हेतु एक साथ आते हैं। आइए, हम इस अवसर का लाभ उठाते हुए सहयोग को सुदृढ़ करें और प्रौद्योगिकी के भविष्य को नई दिशा दें।” उद्घाटन समारोह के दौरान सभी गणमान्य अतिथियों द्वारा सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। अंत में सम्मेलन के सह-अध्यक्ष डॉ. आशीष शर्मा ने सभी अतिथियों, डॉ. अनुराग विजयवर्गीय (रजिस्ट्रार, OPJU), एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय सिंह, प्राध्यापक, मानविकी विभाग द्वारा किया गया।

सम्मेलन के तीन दिनों के दौरान कुल आठ कीनोट सत्र एवं 25 तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विश्वभर के प्रतिष्ठित वक्ताओं ने सम्मेलन के मूल विषय पर अपने विचार एवं शोध कार्य प्रतिभागियों के साथ साझा किए। कीनोट सत्रों के प्रमुख वक्ताओं में डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया (प्रोफेसर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर), डॉ. विवेक तिवारी (IEEE ओवरसाइट कमेटी सदस्य), डॉ. रॉबिन सिंह भदौरिया (IEEE ओवरसाइट कमेटी सदस्य), डॉ. सुनीत गुप्ता (चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, चंडीगढ़), डॉ. सौम्य मुखर्जी (LNMIIT, जयपुर), डॉ. मनीष बाजपेयी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वारंगल), श्री स्वामी बिरू (वाइस प्रेसिडेंट – एआई एवं एमएल, जेपी मॉर्गन चेज़ एंड कंपनी, डलास, यूएसए) तथा श्री जनार्धन नायडू कोला (डायरेक्टर, बिज़नेस इंटेलिजेंस, एडीपी – ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग, इंक., मियामी, फ्लोरिडा, यूएसए) प्रमुख रूप से शामिल रहे। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित 25 तकनीकी सत्रों में लगभग 300 शोध-पत्रों का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिनमें से उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को पुरस्कृत भी किया गया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) द्वारा संचालित स्मार्ट कंप्यूटिंग में हो रहे नवीनतम विकासों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, इंडस्ट्री 5.0 के संदर्भ में उभरती प्रौद्योगिकियों एवं सतत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। व्याख्यानों के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के संतोषजनक एवं विस्तारपूर्ण उत्तर वक्ताओं द्वारा प्रदान किए गए, जिससे सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं संवादपरक बने।

28 जून 2026 को सम्मेलन के ऑनलाइन आयोजित समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. जी. एस. तोमर (अध्यक्ष, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. जितेंद्र अग्रवाल (वाइस चेयर, IEEE मध्य प्रदेश सेक्शन) की गरिमामयी उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सम्मेलन के चेयरमैन डॉ. आर. डी. पाटीदार ने अपने संबोधन में ओपीजेयू परिवार की ओर से इस सम्मेलन से जुड़े सभी विशेषज्ञों, वक्ताओं, शोधकर्ताओं तथा विशेष रूप से IEEE जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग एवं मार्गदर्शन से यह आयोजन अत्यंत भव्य एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिभागियों के विचार, दृष्टिकोण और प्रयास ही भविष्य के समाज एवं उद्योग की दिशा निर्धारित करते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे सामूहिक रूप से ऐसे भविष्य के निर्माण हेतु अग्रसर हों, जहाँ तकनीक का प्रत्येक उपयोग मानवीय कल्याण के लिए समर्पित हो। समापन सत्र में उपस्थित सभी अतिथियों ने ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ तथा सम्मेलन आयोजन समिति को इस अत्यंत प्रासंगिक विषय पर सफल आयोजन हेतु बधाई दी और सतत विकास में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया। सम्मेलन के संयोजक डॉ. राकेश नायक ने सम्मेलन का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जबकि सत्र के अंत में संयोजक डॉ. राम नारायण शुक्ला ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, प्रख्यात वक्ताओं, सभी डीन, विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों एवं आयोजन दल के सदस्यों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।” कार्यक्रम का संचालन सुश्री अरुंधति शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर ‘बेस्ट पेपर अवॉर्ड’ के विजेताओं की घोषणा डॉ. अमित जैन द्वारा की गई।

ज्ञातव्य हो कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित NAAC “A” ग्रेड प्राप्त ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय विश्वस्तर के पाठ्यक्रम, विश्वस्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित यह विश्वविद्यालय इस्पात प्रौद्योगिकी, विज्ञान और प्रबंधन का सबसे विशिष्ट और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है।


