देशभक्ति, एकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से गूंजा ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय; हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

देशभक्ति, एकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से गूंजा ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय; हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
(“स्वतंत्रता केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निभाने का संकल्प भी है।” — डॉ. आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़
रायगढ़ @ संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में देशभक्ति, एकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों द्वारा आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया गया, जिसकी कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने सलामी ली। उन्होंने उपस्थित प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. पाटीदार ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के मूल्यों, लोकतांत्रिक आदर्शों और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पुनः स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। इसलिए स्वतंत्रता की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपने कार्यों, आचरण और जिम्मेदारियों के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उनसे ज्ञान, कौशल, नवाचार और सामाजिक संवेदनशीलता के माध्यम से देश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।

डॉ. पाटीदार ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा, सरदार वल्लभभाई पटेल की दृढ़ता एवं राष्ट्रीय एकता तथा डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं। डॉ. पाटीदार ने कहा कि आज का भारत ज्ञान, विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो राष्ट्र के विकास के साथ-साथ समाज के प्रति भी संवेदनशील और उत्तरदायी हों। उन्होंने कहा कि ओपी जिंदल विश्वविद्यालय इसी दृष्टिकोण के साथ शिक्षा, शोध, नवाचार, उद्योग-अकादमिक सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

डॉ. पाटीदार ने इस अवसर पर जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी द्वारा नागरिकों को तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाने के लिए लड़ी गई कानूनी लड़ाई तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उनके प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री जिंदल जी का विजन शिक्षा, कौशल विकास, युवा सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण को जोड़ते हुए भारत को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती शालू जिंदल जी के सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों, नेतृत्व, रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने पर विशेष बल देती हैं। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ी पहलों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।
डॉ. पाटीदार ने विश्वविद्यालय की हाल की उपलब्धियों और विकासात्मक पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार योग्य, उद्यमशील, नवाचारी और जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनाना है। डॉ. पाटीदार ने विश्वविद्यालय के सभी सदस्यों से संस्थान की प्रगति में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी संस्था की सफलता सामूहिक प्रयासों से संभव होती है।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें गीत, नृत्य एवं अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, एकता और स्वतंत्रता के गौरव को अभिव्यक्त किया गया। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण प्रस्तुतियों ने समारोह में जोश और उल्लास का वातावरण बना दिया।

समारोह के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रप्रेम, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया तथा सभी को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय, सभी डीन, विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

