कौशल आधारित शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को मिला ‘‘बेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ द ईयर 2026 – स्किल-बेस्ड एंड इंडस्ट्री-ड्रिवन एजुकेशन’’ सम्मान

कौशल आधारित शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय को मिला ‘‘बेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ द ईयर 2026 – स्किल-बेस्ड एंड इंडस्ट्री-ड्रिवन एजुकेशन’’ सम्मान
(कोलकाता में आयोजित प्रतिष्ठित इंडियनप्रेन्योर ईडीएक्स अवॉर्ड्स 2026 के भव्य मंच पर ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की शानदार उपस्थिति, कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने ग्रहण किया सम्मान)
तमनार @संदेशा 24
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा, उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता और नवाचारपूर्ण पहलों के दम पर ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान दर्ज कराई है। प्रतिष्ठित “इंडियनप्रेन्योर ईडीएक्स अवॉर्ड्स 2026” में विश्वविद्यालय को ‘वर्ष 2026 का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय – कौशल आधारित एवं उद्योग उन्मुख शिक्षा’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि 30 मई 2026 को कोलकाता में आयोजित भव्य एवं गरिमामय समारोह के दौरान प्राप्त हुई, जहाँ देशभर के शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों की प्रभावशाली उपस्थिति रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने यह सम्मान ग्रहण कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
यह गौरवपूर्ण सम्मान ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की कौशल-आधारित शिक्षा, उच्चस्तरीय अकादमिक गुणवत्ता और नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियों की उत्कृष्ट पहचान है। साथ ही, यह राष्ट्र निर्माण के प्रति विश्वविद्यालय की दृढ़ प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच को भी उजागर करता है। वर्षों से गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा के माध्यम से विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
इस उपलब्धि पर कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा, “यह सम्मान हमारे पूरे विश्वविद्यालय परिवार की निष्ठा, समर्पण और अथक प्रयासों का प्रतिफल है। यह उपलब्धि हमें शिक्षा के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित करने और उत्कृष्टता की ओर निरंतर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित करती रहेगी।” उन्होंने आगे बताया कि ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि विद्यार्थियों को व्यवहारिक, उद्योग-संलग्न और भविष्य-उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाने पर विशेष बल देता है। उद्योगों के साथ साझेदारी, लाइव प्रोजेक्ट्स, अनुसंधान-आधारित नवाचार और फील्ड एक्सपोजर जैसे प्रयासों के माध्यम से छात्रों को वास्तविक दुनिया से जोड़कर उन्हें आने वाली चुनौतियों के लिए सक्षम और आत्मविश्वासी बनाया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ. पाटीदार ने जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल एवं विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल के प्रति हृदय से आभार एवं गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके प्रेरणास्रोत, दूरदर्शी एवं गतिशील नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन और अटूट समर्थन ने विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। उन्होंने आगे कहा कि उनके सशक्त विजन और प्रेरक नेतृत्व के परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय ने शिक्षा और उद्योग के बीच एक सुदृढ़, प्रभावशाली और जीवंत सेतु का निर्माण किया है। यही दूरदृष्टि आज विद्यार्थियों को आधुनिक, व्यवहारिक, नवोन्मेषी एवं उद्योग-संगत कौशलों से समृद्ध बनाकर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए आत्मविश्वास से परिपूर्ण कर रही है।
“ईडीएक्स अवॉर्ड्स 2026” एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच है, जिसे इंडियनप्रेन्योर द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार, गुणवत्ता-संचालित पहल और दूरदर्शी नेतृत्व को पहचान देना एवं प्रोत्साहित करना है। यह मंच उन संस्थानों और शिक्षाविदों को सम्मानित करता है, जो आधुनिक शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ते हुए भविष्य-उन्मुख शिक्षण का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। 30 मई 2026 को कोलकाता स्थित अल्टएयर होटल में आयोजित इस भव्य समारोह में देशभर से चुनिंदा शिक्षण संस्थानों और शिक्षा जगत की विशिष्ट हस्तियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इनमें “सर्वश्रेष्ठ कॉलेज/विश्वविद्यालय”, “दूरदर्शी उच्च शिक्षा नेतृत्वकर्ता” सहित कई प्रमुख श्रेणियाँ शामिल रहीं, जो शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान और नवाचार की पहचान को दर्शाती हैं।
इस अवसर पर कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन: क्या पूर्वी भारत के महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय तैयार हैं?” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में भी भाग लिया। अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला, बहुआयामी एवं कौशल उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विश्वविद्यालयों को उद्योगों के साथ साझेदारी को सुदृढ़ करते हुए पाठ्यक्रम में व्यावहारिकता एवं नवाचार को समाहित करना होगा, ताकि विद्यार्थी वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
डॉ. पाटीदार ने उल्लेख किया कि ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना का मूल उद्देश्य केवल देश-विदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि भारत के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार बनाना भी है। उन्होंने कहा कि श्री नवीन जिंदल का प्रेरक एवं दूरदर्शी नेतृत्व सदैव हमें जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और अत्याधुनिक तकनीकी नवाचार की दिशा में अग्रसर करता रहा है। उनके लिए “स्किल इंडिया” केवल एक पहल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक जीवंत संकल्प है। इसी दूरदृष्टि और प्रगतिशील सोच के परिणामस्वरूप रायगढ़ में विश्वस्तरीय कौशल विकास केंद्र की स्थापना की दिशा में एक महत्वाकांक्षी पहल प्रारंभ की गई है। यह अत्याधुनिक केंद्र 20 से अधिक उन्नत ट्रेड्स और हाई-टेक कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिनमें वेल्डिंग टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, हाइड्रोलिक्स एवं न्यूमैटिक्स, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर एवं पवन ऊर्जा, रोबोटिक्स, मैकट्रॉनिक्स तथा इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन जैसे भविष्य-उन्मुख क्षेत्र शामिल हैं। यह केंद्र केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का एक सशक्त मंच होगा, जहां उन्हें उद्योग की बदलती मांगों के अनुरूप अत्याधुनिक, व्यवहारिक और नवोन्मेषी कौशलों से सुसज्जित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी न केवल रोजगार के लिए तैयार होंगे, बल्कि नवाचार और आत्मनिर्भरता के नए आयाम भी स्थापित करेंगे।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने पूरे विश्वविद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति, उत्कृष्टता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और शिक्षा के क्षेत्र में उसकी सशक्त पहचान को और अधिक सुदृढ़ करती है। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मान न केवल संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है, बल्कि उच्च शिक्षा में स्थापित गुणवत्ता मानकों, नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण और उद्योग जगत के साथ मजबूत सहभागिता का जीवंत प्रमाण भी है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की उस दूरदर्शी सोच को दर्शाती है, जो विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
ज्ञातव्य हो कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2014 में (राज्य अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह जिंदल ग्रुप द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य देश एवं विदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान करना है। विश्वविद्यालय उत्कृष्ट पाठ्यक्रम, अनुभवी संकाय, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों तथा अत्याधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से विद्यार्थियों को एक सृजनात्मक एवं प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सम्मान विश्वविद्यालय की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, उत्कृष्टता और नवाचार का सशक्त प्रमाण है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करते हुए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और आने वाले समय में नई सफलताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

