ओपीजेयू में पूर्व छात्रों का संगम, प्रधानमंत्री जी के आह्वान से प्रेरित नई पहल: कर्मचारियों के लिए “ओन योर साइकिल” योजना का भव्य शुभारंभ

ओपीजेयू में पूर्व छात्रों का संगम, प्रधानमंत्री जी के आह्वान से प्रेरित नई पहल: कर्मचारियों के लिए “ओन योर साइकिल” योजना का भव्य शुभारंभ @ माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान से प्रेरित होकर ओपीजेयू ने ‘ओन योर साइकिल’ योजना शुरू की है। यह पहल न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी, बल्कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान करेगी। ओपीजेयू हमेशा से सतत विकास और हरित पहल में अग्रणी रहा है, और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”-डॉ. आर. डी. पाटीदार, कुलपति, ओपीजेयू
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ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय (ओपीजेयू), रायगढ़ में 17 मई को विश्वविद्यालय के खूबसूरत पूंजीपथरा परिसर में पूर्व छात्रों के लिए “एलुमनी मीट-2026” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न बैचेस के पूर्व छात्र शामिल हुए और अपने अनुभव साझा किए। एलुमनी मीट का उद्देश्य पूर्व छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच संबंधों को और मजबूत करना था।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, संवाद सत्र और नेटवर्किंग गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व छात्रों ने न केवल अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक अनुभव साझा किए, बल्कि उन्होंने विश्वविद्यालय के विकास में योगदान और भविष्य के छात्रों के लिए सुझाव भी दिए। विश्वविद्यालय ने अपने पूर्व छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की और उनके योगदान को विशेष महत्व दिया। कार्यक्रम के दौरान पूर्व छात्रों की नई कार्यकारिणी और उसके नए पदाधिकारियों का भी ऐलान किया गया। विश्वविद्यालय ने बताया कि नई कार्यकारिणी और पदाधिकारी भविष्य में एलुमनी और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग और जुड़ाव को और मजबूत करेंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार द्वारा ओपीजेयू के कर्मचारियों के लिए “ओन योर साइकिल” योजना का भव्य शुभारंभ किया गया। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री जी के ईंधन बचत एवं हरित भारत मिशन के आह्वान से प्रेरित है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत साइकिल के मूल्य का 25% विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा, और शेष राशि कर्मचारियों द्वारा किश्तों में चुकाई जाएगी। इस योजना का स्वागत विश्वविद्यालय के सभी कर्मचारियों द्वारा किया गया। योजना की घोषणा के बहुत कम समय में ही विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में रहने वाले लगभग 50% कर्मचारियों ने इसका लाभ लिया है, और शीघ्र ही अन्य सभी कर्मचारी भी इसे अपनाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शीघ्र ही इस योजना को छात्रों के लिए भी लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस योजना की आवश्यकता और महत्व कई पहलुओं में निहित है। यह योजना ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। निजी वाहनों के कम उपयोग से ईंधन की खपत घटेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और विश्वविद्यालय न केवल हरित पहल की दिशा में योगदान देगा, बल्कि देश की वर्तमान स्थिति में भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। साथ ही साथ यह कर्मचारियों के स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने का एक प्रभावी कदम है। साइकिल का उपयोग न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक ताजगी और कार्यकुशलता भी बढ़ाता है। ओपीजेयू ने इस योजना का एलुमनी मीट के दौरान लॉन्च करके इसे और प्रतीकात्मक बना दिया। इस समय का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि पूर्व छात्र विश्वविद्यालय के योगदान और नई पहलों को सीधे देखने और सराहना करने के लिए उपस्थित थे।
कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने योजना का शुभारंभ करते हुए कहा
की माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान से प्रेरित होकर ओपीजेयू ने ‘ओन योर साइकिल’ योजना शुरू की है। यह पहल न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी, बल्कि ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान करेगी। ओपीजेयू हमेशा से सतत विकास और हरित पहल में अग्रणी रहा है, और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कर्मचारियों ने इस योजना का उत्साहपूर्वक स्वागत किया है और इसे प्रेरक और उपयोगी बताया है। डॉ. पाटीदार ने आशा व्यक्त की कि इस तरह की पहल न केवल फिटनेस और हरित परिवहन के प्रति जागरूकता बढ़ाएगी, बल्कि अन्य संस्थानों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
डॉ. पाटीदार ने आगे कहा कि “जिंदल स्टील के चेयरमैन, श्री नवीन् जिंदल जी और ओपीजेयू की चांसलर, श्रीमती शालू जिंदल जी के विज़न के अनुरूप यह योजना कर्मचारियों और छात्रों दोनों के स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देती है। श्री नवीन् जिंदल जी हमेशा ऐसे कार्यक्रमों का समर्थन करते हैं जो फिटनेस और हरित पहल को प्रोत्साहित करें। श्रीमती शालू जिंदल का विज़न है कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी बढ़ावा दे और यह पहल कर्मचारियों और भविष्य में छात्रों के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का अवसर प्रदान करती है। डॉ. पाटीदार ने यह भी बताया कि श्री नवीन जिंदल जी का प्रयास हमेशा से यह रहा है कि उद्योग और समाज दोनों में ईंधन की बचत और हरित ऊर्जा के महत्व को बढ़ावा दिया जाए। उनका मानना है कि सतत विकास, नवीनीकृत ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से न केवल प्राकृतिक संसाधनों की बचत की जा सकती है, बल्कि युवाओं और कर्मचारियों को भी हरित और स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। ‘ओन योर साइकिल’ जैसी पहल इसी दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो ईंधन की खपत कम करने और एक हरित भारत की दिशा में योगदान देने में मदद करती है।
इस अवसर पर डॉ. पाटीदार ने बताया कि ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना केवल देश और विदेश के छात्रों को विश्व-स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से ही नहीं की गई थी, बल्कि इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य देश के युवाओं को तकनीकी कौशल (Technical Skill) में पारंगत करना भी था। श्री नवीन जिंदल जी ने हमेशा हमें जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और तकनीकी उन्नति के लिए प्रेरित किया है। उनके लिए “Skill India” का नारा एक मिशन की तरह है। उनकी पहल से ही रायगढ़ में विश्वस्तरीय कौशल विकास केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। कौशल विकास केंद्र में लगभग 20 से अधिक ट्रेड्स/कौशल क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें वेल्डिंग टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, हाइड्रोलिक्स और न्यूमैटिक्स, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ब्लॉकचेन, डेटा एनालिटिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर और विंड एनर्जी, रोबोटिक्स, मैकट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन आदि शामिल हैं। यह केंद्र युवाओं को नई तकनीकों और आधुनिक उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावसायिक और तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए एक संरचित और आधुनिक प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, अधिकारीगण एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. शेषदेव नायक, निदेशक – करियर डेवलपमेंट सेंटर, ने सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
विदित हो की NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय में तीन स्कूल- स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट एवं स्कूल ऑफ़ साइंस संचालित हैं। स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, बी.टेक., एम.टेक., एवं पीएचडी; स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में बीबीए, बी कॉम, बीए, एमबीए एवं पीएचडी; एवं स्कूल ऑफ़ साइंस में बीएससी, एमएससी एवं पीएचडी प्रोग्राम्स संचालित हैं। विश्वविद्यालय विश्व स्तर के पाठ्यक्रम, विश्व स्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है; और यह विश्वविद्यालय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रबंधन की विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए डेडिकेटेड रूप से कार्य कर रहा है।


