सावन महीना के संगे संग दूसरा सोमवार ये। जेकर ले शिवलाय मन में जगह जगह जलाभिषेक,दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक करके नारियल बेलपत्ता चढ़ा के पूजा अर्चना करे गिस

सावन महीना के संगे संग दूसरा सोमवार ये। जेकर ले शिवलाय मन में जगह जगह जलाभिषेक,दुग्धाभिषेक,
रुद्राभिषेक करके नारियल बेलपत्ता चढ़ा के पूजा अर्चना करे गिस

बरमकेला सन्देशा @ मोहन नायक के रिपोर्ट
बहुत लोगन मन कोरोना महामारी अउ नियम के कारण भींड म नई जाके अपन अपन जोन जिहा हावे वहींच पूजा अर्चना करींन।
बरमकेला म घले श्रद्धालु मन बारी-बारी ले सीमित संख्या म आकर के पूजा अर्चना करत दिखिन।
बरमकेला,सरिया,पुजेरिपाली सहित अपन अपन गॉव के मंदिर मन म विधि विधान म पूजा अर्चना होईस।शिवलाय गुनजाय मान रहिस।
सेत कुमार महापात्र पुजारी
जी बताइन आप मन ये बता देवन की ये समय सावन महीना हर शुरू सोमवार के अउ खत्म घले सोमवार के दिन ही हौय के संयोग बने खातिर पांच सोमवार पडत हे।आप मन ला मालूम हावे
सावन महीना म भगवान शिव के पूजा अर्चना के अलग अउ खास महत्व हे।ये महीना भगवान शिव अउ पार्वती के मंगल मिलन के सुयोग बने रहिस जेकर खातिर सावन महीना म शिवलाय म हर हर महादेव,जय जय शिव ओंकारा।ओम नमः शिवाय ले गुंजायमान रहिथे।
रतन शर्मा
जहाँ तक बरमकेला अंचल म मान्यता हे सावन सोमवार के अपन तीर के दूसर राज्य ओड़िसा के केदारनाथ शिव मंदिर म दोनों राज के लोगन मन के भीड़ होथे।ये बार कोरोना अउ सीमाबन्दी के कारण बहुत लोगन मन नई पहुच सकिन।
डॉ इशयिता शर्मा
येकर अलावा सरिया के तीर छठवी शताब्दी के पुजारिपाली के केवतीनदेवुल शिव मंदिर के भी अपन खास महत्व हावे।दोनों मंदिर म भगवान शिव के स्वयंभू शिव लिंग प्रकट हौय के मान्यता हावे।



