राजस्व अधिकारी फैसले न सुनाएं.. केवल न्यायालयों और सरकार के आदेशों का पालन करें – पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

राजस्व अधिकारी फैसले न सुनाएं, केवल न्यायालयों और सरकार के आदेशों का पालन करें: पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
रायगढ़ @ संदेशा 24
राजस्व न्यायालयों में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ रायगढ़ अधिवक्ता संघ की ओर से शुरू की गई लड़ाई का असर अब देश व्यापी होने लगा है। धरना प्रदर्शन के तीसरे दिन शनिवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल रायगढ़ पहुंचे और उन्होंने अधिवक्ताओं को संबोधित किया। उनके साथ इलाहाबाद हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट बी एम सिंह और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के सीनियर एडवोकेट नसीमुद्दीन अंसारी भी मौजूद थे।

रायगढ़ के अंबेडकर चौक स्थित अधिवक्ताओं के धरना स्थल पर पहुंच कर पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रभाकर ग्वाल ने कहा कि राजस्व अधिकारियों को केवल न्यायालयों और सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए, उन्हें फैसला नहीं सुनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालय भ्रष्टाचार के केंद्र बन चुके हैं और रायगढ़ के अधिवक्ताओं की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी गई जंग ऐतिहासिक रहेगी ,जिसका असर देशव्यापी होगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के पास दोहरी जवाबदारी होती है एक ओर उन्हें विधि व्यवसाय करके अपने परिवार की व्यवस्था संभालनी होती है तो वहीं दूसरी ओर सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान देना होता है। प्रभाकर ग्वाल ने कहा कि गलत सिस्टम में लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है, अनैतिक और अव्यावहारिक विधियों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एनडीपीएस (शराब गांजा जैसे नशीले पदार्थों के लिए बने कानून ) एक्ट में गवाहों जैसे ड्राइवर को सजा मिल रही है जबकि उनका कोई कसूर नहीं रहता। जिला बदर की कार्यवाही के लिए एसपी कलेक्टर को लिखता है और कलेक्टर कार्यवाही करता है, लेकिन जब इसके खिलाफ अपील करनी होती है तो यह अपील इन्हीं के बड़े भाई कमिश्नर उस अपील की सुनवाई करते हैं । ऐसे में पीड़ित को न्याय मिले यह जरूरी नहीं है।

