विश्व पर्यावरण दिवस: क्षेत्र में इस वर्ष 2 लाख से अधिक वृक्षारोपण करने का लिया गया लक्ष्य @ अदाणी समूह कर्मचारियों ने प्लास्टिक प्रदूषण को हराने का लिया संकल्प,

विश्व पर्यावरण दिवस: क्षेत्र में इस वर्ष 2 लाख से अधिक वृक्षारोपण करने का लिया गया लक्ष्य @ अदाणी समूह कर्मचारियों ने प्लास्टिक प्रदूषण को हराने का लिया संकल्प,
रायगढ़ @ संदेशा 24
रायगढ़ जिले के पुसौर एवं केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र तमनार विकासखंड में अदाणी समूह की क्रमशः अदाणी पॉवर लिमिटेड (एपीएल), छोटे भंडार तथा गारे पेल्मा – 3 ओपन कास्ट खदान के एमडीओ अदाणी इंटरप्राईजेस लिमिटेड – नेचुरल रिसोर्सेज (एईएल-एनआर) द्वारा प्रकृति के प्रति समर्पण भाव रखने और उसके संरक्षण के लिए पर्यावरण जागरूकता पखवाड़ा का आयोजन किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर जारी थीम “पारिस्थितिकी तंत्र के बहाली के लिए प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं” मुहिम के अंतर्गत 29 मई से 5 जून के बीच विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम जिनमें क्विज प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता , पौधा रोपण, पर्यावरण संरक्षण हेतु शपथ ग्रहण, नुकड़ नाटक इत्यादि आयोजित किए गए।

प्रतियोगिता की शुरुआत में एपीएल के प्लांट प्रमुख श्री समीर कुमार मित्रा तथा एईएल-एनआर के क्लस्टर प्रमुख श्री मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा एवं क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त बनाने की शपथ ली गई। इसके बाद एपीएल के पास के ग्राम बड़े भंडार, सुपा, कठली, सरिया तथा एईएल-एनआर के ग्राम मिलूपारा, ढोलनारा, रोदोपाली, डोलसरा, कुंजेमुरा गॉंव के स्कूलों तथा आईटीआई केंद्र में जागरूकता रैली निकालकर क्विज प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, नुकड़ नाटक का आयोजन किया गया। जिसमें करीब 50 शिक्षकों और 700 छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन 5 जून 2023 को दोनों जगहों में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा 4000 से अधिक पौधे रोपे गए जिसे वर्ष के अंत तक करीब 2 लाख करने का लक्ष्य रखा गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सीएसआर टीम का विशेष योगदान रहा।
एपीएल एवं एईएल-एनआर द्वारा रायगढ़ जिले के दोनों ब्लॉकों में अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से अपने सामाजिक सरोकारों के तहत गुणवत्तायुक्त शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन तथा अधोसंरचना विकास के विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है। वहीं पर्यावरण सुरक्षा हेतु पारिस्थितिकी तंत्र के बहाली के लिए भी प्रयासरत है।


