आदर्श ग्राम्य भारती धौराभांठा में मासिक धर्म स्वच्छता,पैड्स जनजागरूकता ?आरुग हे मोर महिना मासिक धर्म पर संदेश,आरुग टीम द्वारा 200 पैड्स का निःशुल्क वितरण
आदर्श ग्राम्य भारती धौराभांठा में मासिक धर्म स्वच्छता,पैड्स जनजागरूकता ?आरुग हे मोर महिना मासिक धर्म पर संदेश,आरुग टीम द्वारा 200 पैड्स का निःशुल्क वितरण

आदर्श ग्राम्य भारती धौराभांठा में मासिक धर्म स्वच्छता,पैड्स जनजागरूकता ?आरुग हे मोर महिना मासिक धर्म पर संदेश,आरुग टीम द्वारा 200 पैड्स का निःशुल्क वितरण
तमनार @ संदेशा 24 दुलेन्द्र पटेल 22.8.2024
रायगढ़ जिले के केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के आदर्श ग्राम्य भारती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धौराभांठा आमगांव में बस्ता एजुकेशन हेल्प फॉउंडेशन,प्रोजेक्ट आरुग टीम द्वारा आरुग हे मोर महिना मासिक धर्म स्वच्छता,पैड्स जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 200 से अधिक छात्राओ को निःशुल्क आरुग पैड्स का वितरण किया गया।
बता दें कि विनीता पटेल का कोलम गांव जन्मभूमि,आदर्श ग्राम्य भारती की छात्र अपने तहसील जिले के साथ छत्तीसगढ़ भारत देश मे बेटियां महिलाओं के मासिक धर्म आरुग हे मोर महिना,पवित्र खून,पीरियड के समय स्वच्छता,खान पान,बेटियो महिलाओं में मासिक धर्म के शुद्ध और प्राकृतिक, मिथकों को तोड़ने के लिए तोड़ने जनजागरूकता कार्यशालाओं में सकारात्मक बदलाव देखी जा रहीं है। आरुग टीम का मकसद बेटी महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता व्यावहारिक ज्ञान,वैज्ञानिक पहलुओं, पीरियड के समय शुद्ध खून स्राव,कठिन के समय समस्या का समाधान में सहयोग पुरुष समाज को भी व्यापक समझ हो लड़की और लड़कों के पर्दा को समाप्त करना है। छात्राओ को छोटे-छोटे कहानियों के माध्यम से मासिक धर्म की जानकारी एवं निशुल्क आरुग पैड वितरण से गदगद नजर आए। 
मासिक धर्म जागरूकता कार्यशाला सामुदायिक भवन धौराभांठा में शिक्षाविद दिनेश चौधरी,विनीता पटेल प्रोजेक्ट आरुग संस्थापक,समाजसेवी खिरेश महापात्र,सामाजिक कार्यकर्ता वरिष्ठ पत्रकार दुलेन्द्र पटेल,शिक्षक विनोद गुप्ता अन्य गणमान्य नागरिकों को छात्राओ द्वारा स्वागत किया गया।
विनीता पटेल ने जनजागरूकता कार्यशाला में बेटियो महिलाओं में मासिक धर्म के पवित्र और प्राकृतिक शारीरिक क्रिया, खान पान,स्वच्छता,सावधानी,परंपरा मिथकों को तोड़ने के लिए एक सकारात्मक बदलाव, पर्यावरण के अनुकूल, स्वास्थ्यवर्धक और टिकाऊ पैड्स के उपयोग अन्य जानकारियां दी गई। उन्होंने छात्राओ से पीरियड के बिना शकुचाएं शरमाएं खुलकर मासिक धर्म के बारे मे अपने माता पिता गुरुजनों को बताने आग्रह करते कहाकि कि लड़कियो को जागरूक करने के साथ लड़कों पुरुषों को मासिक धर्म के बारे में जागरूक करना महत्वपूर्ण है ताकि वे अपनी मां,बहन और मित्रगणो का समस्या का समाधान में सहयोग कर सकें।शिक्षाविद दिनेश चौधरी ने कहाकि बेटी महिलाओं के मासिक धर्म जनजागरूकता अभियान सराहनीय पहल है।जीवन मे शिक्षा महत्वपूर्ण है।बच्चों पढ़ाई लिखाई के साथ अनुशासन,सद्चरितवान अच्छे इंसान बनकर समाज देश करें।
सामाजिक कार्यकर्ता दुलेन्द्र पटेल ने कहाकि आदर्श ग्राम्य भारती में पढ़ी बेटी विनीता पटेल द्वारा मासिक धर्म जागरूकता कार्यक्रम की प्रशंसा करते कहाकि बीमारी पर चढ़ा लव बान स्वास्थ राखव अपन परान। समय का सदुपयोग वाच कार्य,क्रियाकलाप,प्रशिक्षण,आचरन,ईमानदारी को जीवन मे आत्मसात कर आगे बढ़ने प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षाविद दिनेश चौधरी,प्रोजेक्ट आरुग टीम संस्थापक विनीता पटेल,समाज सेवी खिरेश महापात्र, सामाजिक कार्यकर्ता वरिष्ठ पत्रकार दुलेन्द्र पटेल,विनोद गुप्ता,मुकेश महापात्र,प्रकाश पटेल,नीतू महापात्र,इंदु पटेल,अजय पटेल,कैलाश खम्हारी,प्रियंका विश्वाल अन्य शिक्षक सैकड़ो छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही।
उल्लेखनीय है कि विनीता पटेल ने अपने स्टार्टअप आइडिया के लिए कई प्रतियोगिताएं जीती हैं। प्रोजेक्ट आरुग ने मासिक धर्म स्वास्थ्य और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के अपने मिशन में महत्वपूर्ण मील के पत्थर हासिल किए हैं: 1 मासिक धर्म शिक्षा कार्यशालाएं : इस परियोजना ने छत्तीसगढ़ भर के समुदायों में 10,000 से अधिक लड़कियों और 500+ लड़कों और पुरुषों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की हैं, जिससे लैंगिक बाधाओं को तोड़कर जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
2.निधि टीबीआई अनुदान**: प्रोजेक्ट आरुग ने सीएसवीटीयू भिलाई से ₹2 लाख का निधि टीबीआई अनुदान प्राप्त किया है, जिससे मासिक धर्म स्वास्थ्य के प्रति इसके नवाचारी दृष्टिकोण को मान्यता मिली है।
3.एनईपी 2020 प्रदर्शनी**: यह छत्तीसगढ़ से एकमात्र परियोजना थी, जिसे प्रतिष्ठित अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2023 में एनईपी 2020 प्रदर्शनी के तहत प्रदर्शित किया गया।
4.टाटा सोशल एंटरप्राइज चैलेंज (TSEC)**: प्रोजेक्ट आरुग 18,000 आवेदनों में से शीर्ष 50 में स्थान प्राप्त कर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के सेमीफाइनल दौर में पहुंचा।
5.बाइसन केज इवेंट इसका विचार जिला पंचायत रायपुर द्वारा आयोजित बाइसन केज इवेंट में स्वयं सहायता समूहों के लिए सबसे अच्छे विचारों में से एक के रूप में चुना गया।


