प्रधानमंत्री आवास योजना से अन्ना बाई को मिली किराए के घर से मुक्ति @खुद के घर में मिल रहा सुुकून, हो रही बचत

प्रधानमंत्री आवास योजना से अन्ना बाई को मिली किराए के घर से मुक्ति @खुद के घर में मिल रहा सुुकून, हो रही बचत
रायगढ @संदेशा 24
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना निम्न वर्ग के लोगों की जीवन को बदलने में अहम भूमिका निभा रही है। वहीं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में योजना के बेहतर क्रियान्वयन के फलस्वरुप आज छत्तीसगढ़ के लोगों को योजना का लाभ भी मिल रहा है। जिससे आज कच्चे मकान पक्के मकान में तब्दील हो रहे है और आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के स्वयं के घर का सपना भी पूरा हो रहा है।
ऐसी ही कहानी नगर पालिक निगम रायगढ़ अंतर्गत वार्ड क्रमांक-42 अमलीभौना निवासी श्रीमती अन्ना बाई की है। वह बताती है कि विधवा है एवं रोजी मजदूरी का कार्य करती है उसके साथ बेटा भी रहता है। बेटे की मजदूरी से जो भी कमाई होती है, उससे उनका गुजर बसर हो पाता है। कमाई से बहुत कम बचत हो पाता था। वे किराये के मकान में रहते थे क्योंकि उनका कच्चे मकान की हालत बहुत जर्जर हो गई थी, जो कभी भी टूटकर गिर सकता था। बारिश के समय वहीं हुआ जिसका उन्हें डर था, मकान टूटकर गिर गया। उनके पास स्वयं की पट्टे की जमीन होने के बाद भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से पक्का मकान बनाना क्या सोचना भी मुश्किल था।
जिससे माँ-बेटा पड़ोस के ही मकान में किराये में रहते थे। इसी दौरान मुनादी के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने नगर निगम में आवेदन जमा किया एवं स्वीकृति मिलने के पश्चात् 29 वर्गमीटर क्षेत्रफल में पक्का मकान बनाने का कार्य शुरू किए। योजना के तहत 4 किश्तों में 2 लाख 26 हजार की राशि प्राप्त हुई। जिसमें उन्होंने अपनी बचत के रूपये लगाकर अपना स्वयं का घर का सपना पूरा किया। श्रीमती अन्ना बाई कहती है पहले किराये के मकान में रहने से समय पर किराया देना पड़ता था, जिससे बचत भी नहीं हो पाती थी। लेकिन आज प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से खुद का पक्का मकान बनने से किराये की झंझट से मुक्ति मिली और अच्छी खासी बचत भी कर पा रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनका पक्का मकान बना और स्वयं के घर में सुकून के साथ रह पा रही है।


