ओपीजेयू में दो-दिवसीय प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस (MEICON 1.0) का आयोजन 19 दिसंबर से

ओपीजेयू में दो-दिवसीय प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस (MEICON 1.0) का आयोजन 19 दिसंबर से
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा दो-दिवसीय प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस (MEICON 1.0) का आयोजन 19-20 दिसंबर 2024 के दौरान किया जाएगा। स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित किये जा रहे इस दो -दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया जायेगा। ‘अडवान्समेंट्स, इनोवेशन एन्ड ऑटोमेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी’ थीम पर आधारित इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं सहयोगी क्षेत्रों से जुड़े हुए सभी स्टेक होल्डर्स को एक मंच पर लाना, सतत विकास में इनकी भूमिका पर चर्चा करना , एवं नवाचारों के साथ-साथ सतत विकास की व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करने अपनाए जाने वाले समाधानों को प्रस्तुत करने और चर्चा करने के लिए एक प्रमुख अंतःविषय मंच प्रदान करना है। इस सम्मेलन के माध्यम से वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्वानों और उद्योग विशेषज्ञों को मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपने अनुभवों और शोध कार्यों का आदान-प्रदान और साझा करने का अवसर मिलेगा और साथ ही साथ संबंधित क्षेत्रों में सबसे हालिया नवाचारों, रुझानों, चिंताओं, व्यावहारिक चुनौतियों, सामना किए गए और अपनाए गए समाधानो के बारे में भी चर्चा करने का अवसर मिलेगा।
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सम्मेलन के चेयरमैन डॉ आर. डी. पाटीदार ने कहा की मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग की वह शाखा है जो देश के विकास में एक आवश्यक भूमिका निभाती है, साथ ही साथ तकनीकी उन्नति और नवाचार के लिए आधारशिला के रूप में कार्य करती है। इंजीनियरिंग की सबसे बहुमुखी और व्यापक शाखाओं में से एक के रूप में, यह इंजीनियरों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों की एक विस्तृत श्रृंखला को संबोधित करने के लिए तैयार करती है और ऑटोमोटिव, एयरोस्पेस, ऊर्जा और विनिर्माण जैसे उद्योगों में पर्याप्त प्रभाव डालती है। ओपीजेयू में, हम मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अग्रणी अनुसंधान के माध्यम से ज्ञान को आगे बढ़ाने, नवाचार को आगे बढ़ाने और दुनिया की कुछ सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा विश्वविद्यालय अनुभवात्मक शिक्षा का एक ऐसा माहौल बनाने में गर्व महसूस करता है जो विशेष रूप से उद्योग भागीदारों द्वारा प्रायोजित लाइव परियोजनाओं के माध्यम से जांच, आलोचनात्मक सोच और अंतःविषय दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। यह सम्मेलन मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार, सहयोग और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए हमारी शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। सम्मेलन में शिक्षाविदों, अनुसंधान एवं विकास संगठनों और उद्योगों के प्रतिनिधियों की मौखिक प्रस्तुतियाँ होंगी। छात्रों एवं शोधार्थियों को भी मौखिक/पोस्टर प्रस्तुतियों के रूप में अपना काम प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर, मौखिक प्रस्तुति और विचार के लिए उत्कृष्टता और प्रशंसा के प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
ओपीजेयू के इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मलेन का उदघाटन 19 दिसंबर को मुख्य अतिथि श्री प्रसन्ना आर, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, अतिरिक्त प्रभार विशेष कार्य अधिकारी, छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सीआईएमएस) बिलासपुर, आयुक्त उच्च-शिक्षा (अतिरिक्त प्रभार) द्वारा श्री अनिल कुमार (कार्यकारी निदेशक, एनटीपीसी लारा), ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल, श्री परेश शाह (प्लांट हेड, जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड, रायगढ़), एन. वी. रमना राव (प्रोफेसर और निदेशक, एनआईटी रायपुर), आर्ट चांग (एसोसिएट प्रोग्राम, एम.एस. टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस; एली के संस्थापक और सीईओ ), श्री सब्यसाची बंद्योपाध्याय (कार्यकारी निदेशक, जेएसपी रायगढ़), कुलपति डॉ आर. डी. पाटीदार एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया जाएगा एवं सभी अतिथिगण सम्मलेन को सम्बोधित भी करेंगे। इस अवसर पर संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।
इस दो-दिवसीय सम्मेलन मे उदघाटन एवं समापन सत्रों के आलावा कीनोट सेसंस एवं तकनीकी-सत्र आयोजित किये जाएंगे। सम्मेलन में विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, पेपर प्रस्तुतियां और तकनीकी सत्र शामिल होंगे। सम्मेलन के दो दिनों के दौरान प्रतिभागियों द्वारा लगभग 105 शोधपत्रों का वाचन/ प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। सम्मलेन में प्रस्तुतीकरण के लिए 280 शोध सारांश प्राप्त हुए थे जिनमे से लगभग 110 शोध सारांशों को उनकी गुणवत्ता एवं मौलिकता के आधार पर तकनीकी कमेटी द्वारा चयनित किया गया है।
विदित हो की NAAC ‘A’ ग्रेड प्राप्त रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व-स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। वर्त्तमान में विश्वविद्यालय में तीन स्कूल- स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट एवं स्कूल ऑफ़ साइंस संचालित हैं। स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, बी.टेक., एम.टेक., एवं पीएचडी; स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में बीबीए, बी कॉम-ऑनर्स, बीए-ऑनर्स, एमबीए एवं पीएचडी; एवं स्कूल ऑफ़ साइंस में बीएससी-ऑनर्स, एमएससी एवं पीएचडी प्रोग्राम्स संचालित हैं। विश्वविद्यालय विश्व स्तर के पाठ्यक्रम, विश्व स्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।



