ओपीजेयू में प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस (MEICON 1.0) का गरिमामय उदघाटन

ओपीजेयू में प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस (MEICON 1.0) का गरिमामय उदघाटन
(19 दिसंबर को ओपीजेयू में आयोजित प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस -MEICON 1.0 का उदघाटन नयी आशाओं के साथ संपन्न )
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित दो-दिवसीय प्रथम मैकेनिकल इंजीनियरिंग इंटरनेशनल कांफ्रेंस (MEICON 1.0) का आयोजन 19-20 दिसंबर 2024 के दौरान विश्विद्यालय के पूंजीपथरा परिसर में किया जा रहा है। स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित किये जा रहे इस दो -दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का उद्घाटन समारोह 19 दिसंबर को संपन्न हुआ जिसमे फिजिकल एवं ऑनलाइन माध्यम से बड़ी संख्या में प्रतिभागी जुड़े। ‘अडवान्समेंट्स, इनोवेशन एन्ड ऑटोमेशन फॉर सस्टेनेबिलिटी’ थीम पर आधारित इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं सहयोगी क्षेत्रों से जुड़े हुए सभी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, विद्वानों और उद्योग विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना, सतत विकास में इनकी भूमिका पर चर्चा करना, एवं नवाचारों के साथ-साथ सतत विकास की व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करने अपनाए जाने वाले समाधानों को प्रस्तुत करने और चर्चा करने के लिए एक प्रमुख अंतःविषय मंच प्रदान करना है।
सम्मेलन का उद्घाटन, 19 दिसंबर की सुबह मुख्य अतिथि श्री आशुतोष सत्पथी (जीएम-ओ&एम, एनटीपीसी लारा) ने डॉ अनिल कुमार तिवारी (प्रोफेसर, एनआईटी रायपुर), आर्ट चांग (एसोसिएट प्रोग्राम, एम.एस. टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस; एली के संस्थापक और सीईओ, USA), श्री एस. एस. राठी (प्लांट हेड-एनएसपीएल, रायगढ़), कुलपति डॉ आर. डी. पाटीदार एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया।
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं सम्मेलन के चेयरमैन डॉ आर. डी. पाटीदार ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत किया और अपने सम्बोधन में सम्मेलन की आवश्यकता एवं उपयोगिता के बारे मे जानकारी दी। सम्मलेन के उद्देश्यों के बारे में डॉ पाटीदार ने कहा की यह सम्मेलन मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नवाचार, सहयोग और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की हमारी शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस सम्मेलन का विषय अत्यधिक प्रासंगिक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक टिकाऊ और न्यायसंगत भविष्य सुनिश्चित करते हुए वर्तमान उद्योग की मांगों को संबोधित करने वाले समाधानों की खोज, साझा करने और विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देता है। डॉ पाटीदार ने इस अवसर पर ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ की दस वर्षों की सफल यात्रा, पहचान एवं उपलब्धियों के बारे में चर्चा किया। विश्वविद्यालय द्वारा रायगढ़ में विश्वस्तरीय वर्ल्ड स्किल सेंटर स्थापित करने किये जा रहे प्रयासों के बारे में एवं इस सम्बन्ध में चेयरमैन-जेएसपी श्री नवीन जिंदल जी एवं ओ. पी. जिंदल विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल जी के सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग के बारे में जानकारी सभी के साथ साझा किया और साथ ही साथ उनके उत्साहवर्धन के लिए कृतज्ञता भी व्यक्त किया।

इस अवसर पर डॉ अनिल कुमार तिवारी (प्रोफेसर, एनआईटी रायपुर), आर्ट चांग (एसोसिएट प्रोग्राम, एम.एस. टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट, एसोसिएट प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस; एली के संस्थापक और सीईओ, USA) एवं श्री एस. एस. राठी (प्लांट हेड-एनएसपीएल, रायगढ़) ने सम्मलेन को सम्बोधित किया। सभी ने अपने सम्बोधन में ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय एवं आयोजन समिति को उपयोगी विषय पर सम्मलेन के आयोजन के लिए बधाई दिया और साथ ही साथ नवाचार एवं सतत विकास के लिए आपस में सहयोग स्थापित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आशुतोष सत्पथी ने सम्मलेन में अपने सम्बोधन में सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को बधाई देते हुए विश्वविद्यालय द्वारा अनुसन्धान, शिक्षा एवं समाजोपयोगी क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा किया। उन्होंने आशा व्यक्त किया की NTPC एवं विश्विद्यालय एक-दूसरे का सहयोग कर छात्रों के अच्छे भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

NTPC लारा में किये जा रहे नवाचारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने छात्रों को प्लांट विजिट के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ मिथिलेश कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, विभागाध्यक्षों. प्राध्यापकों एवं छात्रों के प्रति कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दो-दिवसीय सम्मेलन मे कीनोट सेसंस एवं तकनीकी-सत्र आयोजित होंगे एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, पेपर प्रस्तुतियां और शोधपत्रों का वाचन किया जाएगा। इस सम्मलेन में स्कूल ऑफ़ इंजीनियरिंग के विद्यार्थी , प्रतिभागी, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापक, स्टाफ एवं छात्र उपस्थित रहे।
ज्ञातव्य हो कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित ओपी जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय विश्वस्तर के पाठ्यक्रम, विश्वस्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित यह विश्वविद्यालय इस्पात प्रौद्योगिकी और प्रबंधन का सबसे विशिष्ट और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है। हाल ही में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्याङ्कन एवं प्रत्यायन परिषद् द्वारा NAAC “A” ग्रेड प्रदान किया गया है, जो की विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता को रेखांकित करता है।



