ओपीजेयू का वैश्विक शिक्षा की दिशा में एक सशक्त और ऐतिहासिक कदम

ओपीजेयू का वैश्विक शिक्षा की दिशा में एक सशक्त और ऐतिहासिक कदम
(ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़, और नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय, यूके के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर)
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय (ओपीजेयू), रायगढ़ ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हुए 4 फरवरी 2026 को यूनाइटेड किंगडम के प्रतिष्ठित नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय (नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी – NTU) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding – MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह ऐतिहासिक साझेदारी ओपीजेयू की वैश्विक शैक्षणिक उपस्थिति को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय, यूके के भव्य परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें दोनों विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ शैक्षणिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की ओर से कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार तथा धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. एम. कल्याण फनी ने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय की ओर से इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर डॉ. रिचर्ड एम्स, प्रो वाइस-चांसलर (रिसर्च एवं इंटरनेशनलाइज़ेशन) की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुए। इसके साथ ही कार्यक्रम में डॉ. क्लेयर न्यूस्टेड, को-डायरेक्टर, एनटीयू ग्लोबल; प्रोफेसर नील मैन्सफ़ील्ड, एग्ज़ीक्यूटिव डीन – रिसर्च एवं इंटरनेशनल रेप्युटेशन; तथा डॉ. केव गैरेथ, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहित नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय के अनेक वरिष्ठ शैक्षणिक एवं नेतृत्वकारी अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने इस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के रणनीतिक महत्व और इसकी दीर्घकालिक दृष्टि को और अधिक सुदृढ़ किया।
यह रणनीतिक एमओयू दोनों विश्वविद्यालयों के बीच बहुआयामी शैक्षणिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करता है। इसके अंतर्गत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम, संयुक्त शोध एवं पीएचडी पर्यवेक्षण, सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएं, पाठ्यक्रम विकास, तथा संयुक्त अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, सेमिनार, कार्यशालाएं और अकादमिक कार्यक्रमों का आयोजन शामिल है। इस सहयोग के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को वैश्विक अकादमिक परिवेश में कार्य करने, अत्याधुनिक अनुसंधान से जुड़ने तथा अंतर-सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त करने के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने कहा कि यह एमओयू शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में ओपीजेयू को एक वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की दीर्घकालिक रणनीति का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय जैसे विश्व-प्रसिद्ध संस्थान के साथ यह सहयोग ओपीजेयू के छात्रों और संकाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी, नवोन्मेषी और प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। डॉ. पाटीदार ने विशेष रूप से यह रेखांकित किया कि यह ऐतिहासिक एमओयू जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी एवं ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल जी की दूरदर्शी पहल, वैश्विक शैक्षणिक दृष्टिकोण और शिक्षा-केन्द्रित मिशन का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों के साथ ओपीजेयू को जोड़ने की यह संकल्पना श्री नवीन जिंदल जी की अंतरराष्ट्रीय सोच और शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण का आधार मानने वाली प्रतिबद्धता से प्रेरित है, जबकि श्रीमती शालू जिंदल जी के निरंतर मार्गदर्शन, रणनीतिक सहयोग और छात्र-केंद्रित अंतरराष्ट्रीय पहलों को सुदृढ़ करने के प्रयासों ने इस एमओयू को साकार रूप प्रदान किया। उन्होंने आगे कहा कि श्री नवीन जिंदल जी एवं श्रीमती शालू जिंदल जी का प्रेरक नेतृत्व और दीर्घकालिक विज़न ओपीजेयू की अंतरराष्ट्रीय पहचान को सशक्त करने, वैश्विक अकादमिक सहभागिता को विस्तारित करने तथा भारतीय उच्च शिक्षा को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
डॉ. पाटीदार ने इस उपलब्धि के लिए ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के सभी संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता, अकादमिक उत्कृष्टता और अथक प्रयासों ने विश्वविद्यालय को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के योग्य बनाया है। साथ ही उन्होंने नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय (यूके) के नेतृत्व, शिक्षाविदों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग टीम के प्रति गहन आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि एनटीयू का सहयोग, विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण इस एमओयू को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी भविष्य में दोनों संस्थानों के लिए अकादमिक उत्कृष्टता, प्रभावशाली अनुसंधान और वैश्विक सहयोग के नए आयाम स्थापित करेगी।
जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने इस ऐतिहासिक साझेदारी पर अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए इसे ओपीजेयू की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान और वैश्विक सहभागिता यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल ने भी इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि ओपीजेयू छात्रों के लिए वैश्विक अवसरों के द्वार खोलने, छात्र-केंद्रित सहयोग प्रणालियों को सुदृढ़ करने तथा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक और पेशेवर समुदाय से निरंतर और प्रभावी जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह एमओयू ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय और नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय, यूके के बीच साझा दृष्टिकोण, पारस्परिक विश्वास तथा अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार-आधारित अनुसंधान और प्रभावशाली वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने की सामूहिक प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। यह साझेदारी भविष्य में दोनों संस्थानों के साथ-साथ वैश्विक उच्च शिक्षा परिदृश्य पर भी दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता रखती है।
ज्ञातव्य हो कि रायगढ़ के पुंजिपथरा स्थित NAAC “A” ग्रेड प्राप्त ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में (राज्य बिल अधिनियम 13) देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह – जिंदल ग्रुप द्वारा देश और विदेश के छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। विश्वविद्यालय विश्वस्तर के पाठ्यक्रम, विश्वस्तरीय शिक्षक, आधुनिक शिक्षण विधियाँ, अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचे और शिक्षार्थियों को एक जीवंत परिसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित यह विश्वविद्यालय इस्पात प्रौद्योगिकी और प्रबंधन का सबसे विशिष्ट और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है।


