सामारूमा स्कूल में कक्षा 10वीं-12वीं दोनों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत
सामारूमा स्कूल में कक्षा 10वीं-12वीं दोनों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत
*मिशन उत्कर्ष ‘छू लो आसमान’ का दिखा प्रभाव, कक्षा 10वीं के सभी 13 विद्यार्थी हुए सफल*
*11 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में हासिल की सफलता, शिक्षा गुणवत्ता में निरंतर सुधार के मिल रहे सकारात्मक परिणाम*
रायगढ़ @संदेशा 24
विकासखंड तमनार स्थित शासकीय हाई स्कूल सामारूमा ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कक्षा 10वीं एवं 12वीं दोनों बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज कर जिले का गौरव बढ़ाया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा घोषित परीक्षा परिणामों में विद्यालय के सभी विद्यार्थी सफल रहे, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों में उत्साह का वातावरण है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में संचालित मिशन उत्कर्ष “छू लो आसमान” कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित अध्ययन, अतिरिक्त कक्षाएं, विषयवार मार्गदर्शन, सतत मूल्यांकन एवं परीक्षा पूर्व विशेष तैयारी जैसे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब विद्यालयों में दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि शासकीय हाई स्कूल सामारूमा में कक्षा 10वीं में कुल 13 विद्यार्थी पंजीबद्ध थे। सभी विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए और सभी सफल रहे। इनमें 11 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी तथा 2 विद्यार्थियों ने द्वितीय श्रेणी प्राप्त की। विद्यालय का कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा, जो विद्यालय की बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और अनुशासित अध्ययन वातावरण को दर्शाता है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जिले के विद्यालयों की स्कूलवार समीक्षा भी प्रारंभ कर दी गई है। जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कम रहा है, वहां विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों के लिए विशेष रणनीति तैयार कर शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के प्रयास किए जाएंगे। विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि यह उपलब्धि कलेक्टर के मार्गदर्शन, जिला शिक्षा अधिकारी के सतत निर्देशन और शिक्षकों की मेहनत एवं विद्यार्थियों की लगन से हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में नियमित अध्ययन व्यवस्था, अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग और सतत मॉनिटरिंग के कारण विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा, जिसका परिणाम आज शत-प्रतिशत सफलता के रूप में सामने आया है।

