केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य जनपद तमनार में मनाया गया संविधान दिवस

केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य जनपद तमनार में मनाया गया संविधान दिवस
तमनार @ संदेशा 24 रायगढ़ जिले के केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य जनपद तमनार में आज 26 नवंबर 2021 को साहू सदन तमनार में संविधान दिवस का आयोजन किया गया।

जन चेतना के राजेश त्रिपाठी ने बताया कि हमारे देश में आज ‘संविधान दिवस’ मनाया जाता है क्योंकि सन् 1949 में 26 नवम्बर को ही संविधान सभा ने भारत के नये संविधान को अपनी मंजूरी दी. 26 जनवरी, 1950 को यह लागू किया गया.
निस्संदेह, यह ऐतिहासिक दिन है।
सामाजिक लोकतंत्र का अर्थ जीवन के उस मार्ग से है, जो स्वातंत्र्य, समता और बंधुत्व को जीवन के सिद्धांतों के रूप में अभिज्ञापित करता है.स्वातंत्र्य को समता से अलग नहीं किया जा सकता—समता को स्वातंत्र्य और बंधुत्व से अलग नहीं किया जा सकता—-बंधुत्व के बिना स्वातंत्र्य और समता अपना स्वाभाविक मार्ग ग्रहण नहीं कर सकते।कार्यक्रम में राजेश त्रिपाठी कृष्णा साव रघुनाथ चौधरी शिव पटेल अक्षय पटेल राजेश गुप्ता सविता रथ भोजमती राठिया नित्या राठिया रामेश्वर समरत खेम निधि नायक एवं अन्य ग्रामीण जनों ने आज संविधान दिवस के अवसर पर संविधान के उद्देश्य का का पठन-पाठन किया एवं जिस तरीके से भारत में संविधान पर होते हमले पर सभी लोगों ने अपनी बात रखते हुए संविधान की रक्षा करने का शपथ लिया गया।


