ग्राम समकेरा के गौठान में पैरादान महाभियान के प्रति किसानों में भारी उत्साह

ग्राम समकेरा के गौठान में पैरादान महाभियान के प्रति किसानों में भारी उत्साह
तमनार @ संदेशा 24 केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तहसील तमनार के ग्राम समकेरा के गौठान में पैरादान महाभियान के प्रति किसानों में भारी उत्साह है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अभिनव पहल पैरादान महाभियान के प्रति जिले के किसानों में उत्साह देखने मिल रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पैरादान करने की अपील पर कृषक स्वयं गौठानो में बड़ी संख्या में पैरा लेकर पहुंच रहे हैं। पहले जहां धान कटाई के पश्चात पैरे को जला दिया जाता था, जिससे पर्यावरण को क्षति होती थी, वहीं आज ये पशुओं के लिए चारे और जैविक खाद निर्माण के रूप में काम आ रहा है। एडीओ उदित नारायण नगाइच ने बताया कि शुरुआत में किसानों को पैरादान हेतु जानकारी दी गई तथा मैदानी अमले द्वारा पैरादान के फायदे के विषय मे बताकर प्रेरित किया गया। किसानों की सुविधा की पर्याप्त व्यवस्था तथा पैरा संग्रहण हेतु गौठानो में मचान भी निर्मित किए गए हैं।

गौरतलब है कि खरीफ फसलों के बाद रबी फसल की तैयारी हेतु पराली को जला देना एक अनियंत्रित दहन प्रक्रिया है, जिसके कारण कई प्रकार के ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग, जैव विविधता का हनन, मानव व पशुओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरा, कार्बन का नुकसान, भूमि की उर्वरा शक्ति का नाश, भूमिगत सूक्ष्म जीव एवं लाभप्रद जीवों की मृत्यु हो जाती है। भूमि की उपजाऊ क्षमता कम होने के कारण फसलों का उत्पादन भी कम हो जाता है। सुराजी ग्राम योजना के तहत निर्मित गौठानो में पैरादान से यह समस्या दूर हो रही है। पैरा दान से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य के साथ ही जैविक खाद निर्माण, मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता भी आसान हुई है।


