संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा बजरमुड़ा में भव्य सम्पन्न ?किसी का हक मारने से घर मे दरिद्रता आती है, सत्कर्मो से सुपात्र को दान करने पर बाधाएं दूर होती है- जया किशोरी

संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा बजरमुड़ा में भव्य सम्पन्न
?किसी का हक मारने से घर मे दरिद्रता आती है, सत्कर्मो से सुपात्र को दान करने पर बाधाएं दूर होती है- जया किशोरी
तमनार @ संदेशा 24 दुलेन्द्र पटेल 9.5.2023
विश्व विख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी जी के मुखारबिंद से श्रीमद्भागवत कथा रायगढ़ जिले के केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य औद्योगिक क्षेत्र तमनार के ग्राम बजरमुड़ा ओपन ग्राउंड में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का सातवां दिवस सोमवार को सुदामा चरित्र भगवान श्रीकृष्ण की महिमा भागवत कथा समापन विशाल भंडारा के साथ भव्य सम्पन्न हुआ।

श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समस्त ग्रामवासी बजरमुड़ा,स्थानीय उद्योग,समाजसेवी दानदाताओ श्रद्धालु भक्तजनो की दान सहयोग से निर्विघ्न सम्पन्न हुआ। पूज्या जया किशोरी जी ने श्रीमद्भागवत कथा में भागवत महात्मय,शिव विवाह,नरसिंह अवतार,कृष्ण जन्म, कृष्ण बाल लीला, रूकमणी विवाह, कंश वध एवं सुदामा चरित्र के साथ भागवत कथा विराम की गई।

कथा के साथ उन्होंने सनातन धर्म,जीवन मे मर्यदा,वाणी में संयम,हिंसा,नकारात्मक सोच त्यागकर सकारात्मक सदमार्ग अपनाए, मानव जीवन उद्धार हेतु दान पुण्य एवं जरूरतमन्दो का सेवा सहयोग को भवसागर पार होने पुण्य का मार्ग बताया गया।

कथा के सप्तम दिवस उन्होंने बताया कि किसी का हक मारने से घर मे दरिद्रता आती है। यथा शक्ति दान सेवा करना चाहिए।सुपात्र दान के लायक को अच्छे मन भाव से दान करने से फल मिलता है।दान पीढ़ी दर पीढ़ी देखने को मिलती है संकल्पो के साथ सत्कर्मो से दान करने पर बाधाएं कष्ट दूर हो जाते है।अपना सलाहकार अच्छे रखिये आपके साथ कोई गलत नही होगा।उन्होंने कहाकि महाभारत काल मे स्त्री को दांव में लगाना महापाप है राक्षसों की सभा मे भी स्त्री का अपमान महापाप नही हुआ।सभा मे नारी का सम्मान सहायता नही करने से भयंकर मौत हुई।समयानुसार मनुष्य को बदलना पड़ता है समाज को बेहतर बनाने के लिए नियम बदलाव किए जाते है।नियम बदलाव बांधने के लिए नही बल्कि अच्छे काम हेतु होता है।
विश्व विख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी जी की ओजस्वी मधुर वाणी के साथ सुमधुर कंठो से भजन गायन व आधुनिक संगीत के धुनों में हजारो श्रद्धालु भक्त वृंद माता बहने युवा वरिष्ठजनो द्वारा नाचते गाते भाव विभोर होकर पुण्य रूपी भागवत कथा के विशाल समुद्र में आनंद और भाव की डुबकी लगाये। कथा श्रवण करने क्षेत्रीय ग्रामीणो के साथ तमनार घरघोड़ा,लैलूंगा रायगढ़ जिले सहित छत्तीसगढ़ ओडिसा मध्यप्रदेश उत्तरप्रदेश झारखण्ड दुर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे।


