परिणय मंच पर कवयित्री रीता प्रधान हुईं सम्मानित

परिणय मंच पर कवयित्री रीता प्रधान हुईं सम्मानित
तमनार @संदेशा 24
साहित्य साधना हर स्थिति को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है ,कुछ ऐसा ही वाकया हाल ही में देखने को मिला ।
पुसौर समकक्ष स्थित गॉंव छिंच्छ की साहित्य साधिका रीता प्रधान जो साहित्य परिवार में वर्षों से अपनी साहित्य साधना से समाज को दिशा देती रही हैं, उन्हीं के परिणय उत्सव में रायगढ़ जिले के 50 से अधिक साहित्यकारों ने अपनी-अपनी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से एक डायरी में स्वलिखित हस्ताक्षर के साथ एक स्मरणिका देकर साहित्य के नये अध्याय को रेखांकित किया है ।
विवाह के अवसर पर साहित्यकारों के रचनाओं से सुसज्जित डायरी विमोचन,अपने आप में नवीनतम पहल है जो जीवन पर्यन्त साहित्यक सुखद अनुभव देता है । इसके नेतृत्व कर्ता अजय पटनायक, गुलशन खम्हारी,आशा मेहर ,सुधा देवांगन, तेजराम नायक, अरविंद सोनी सार्थक,पुष्पा पटनायक,रश्मि मंजुला पंडा,रवीना खम्हारी, सुखदेव राठिया,इंदु साहू,केशिका साहू,शरद यादव, पूर्णिमा चौधरी,मनोज श्रीवास्तव,आनंद सिंघनपुरी, राघवेंद्र रुहेल,जयंत यादव,रामरतन मिश्रा,कमलेश यादव,नेहा ठेठवार,प्रियंका गुप्ता,चंद्रभाना चंदन,अनुराधा ,संतोष मिरी,लीशा पटेल,कृष्णा पटेल,सुषमा पटेल, वेदकांति भास्कर,सुधा पंडा, हरेंद्र डनसेना,अंजना सिन्हा,सुशीला साहु,गीता उपाध्याय,धरा देवांगन एवं मनमोहन सिंह ठाकुर जैसे साहित्यकार हैं । सभी साहित्यकारों के इस अनोखे पहल को सभी ओर से सराहना मिल रही है ।इस सम्मान के लिए रीता प्रधान और उनके परिवार के सदस्यों ने आभार व्यक्त करते हुए भूरी भूरी प्रशंसा की है।


