पेलमा में जल, जंगल और जमीन बचाने लामबंद हुए ग्रामीण

पेलमा में जल, जंगल और जमीन बचाने लामबंद हुए ग्रामीण
तमनार @संदेशा 24
रायगढ़ जिले के केलो बनांचल आदिवासी बाहुल्य तमनार के ग्राम पेलमा में एसईसीएल के रेल कारिडोर का काम रुका हुआ है। यहां के ग्रामीण यह मांग कर रहे हैं कि न तो क्षेत्र में कोयला खदान खुले और ना ही रेल कारिडोर बने। सोमवार को जब एसडीएम पेलमा पहुंची तो ग्रामीणों ने एक बार फिर अपनी बात रखी और कहा कि जंगल का हम वर्षाें से संवर्धन कर रहे हैं यदि यह हमारा नहीं तो प्रशासन ग्राम पंचायत सेे प्रस्ताव करा सकता है।

पेलमा ग्रामीण अंचल के लोग अब क्षेत्र में कोलया खदान नहीं चाहते। इसका विरोध भी वे कई बार कर चुके हैं। इसी को लेकर वे एसईसीएल के रेल कारिडोर का विरोध भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि रेल कारिडोर जाता तो वह उससे लाखों पेड़ कटेंगे और यह कारिडोर कोयला परिवहन के लिए ही बनाया जाएगा।

सोमवार को घरघोड़ा एसडीएम रिषा ठाकुर पेलमा पहुंची थी। इस बीच उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। चर्चा के दौरान ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र के जल जंगल जमीन का सरंक्षण करते हुए वे आ रहे हैं। ऐसे में वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देना चाहते। वहीं ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में काफी कोयला खदानें खुल चुकी है। इससे अनगिनत पेड़ों की कटाई भी चुकी है। क्षेत्र पहले जहां हरा-भरा रहता था अब कोयला खदान व उद्योगों को लेकर हर ओर प्रदूषण ही नजर आता है। यदि प्रशासन यह मानती है कि जंगल पर ग्रामीणों का किसी प्रकार से अधिकार नहीं है तो प्रशासन ग्राम सभा से अनुमोदन ही क्यों करा रही है। वहीं प्रशासन ग्राम सभा में इस का प्रस्ताव भी पारित कराए कि ग्रामीणों का जंगल पर किसी प्रकार से अधिकार नहीं है


