टेक्नो-कल्चरल रंग में रंगा ओपीजेयू, इंडियन आइडल फेम ऋषि सिंह की धमाकेदार प्रस्तुति के साथ तीन-दिवसीय ‘टेक्नो- कल्चरल’ महोत्सव ‘टेक्नोएम्बिशन-26’ का यादगार समापन

टेक्नो-कल्चरल रंग में रंगा ओपीजेयू, इंडियन आइडल फेम ऋषि सिंह की धमाकेदार प्रस्तुति के साथ तीन-दिवसीय ‘टेक्नो- कल्चरल’ महोत्सव ‘टेक्नोएम्बिशन-26’ का यादगार समापन
रायगढ़ @संदेशा 24
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ में आयोजित तीन-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के ‘टेक्नो-कल्चरल’ महोत्सव ‘टेक्नोएम्बिशन-26’ का शानदार समापन 21 फ़रवरी को इंडियन आइडल फेम ऋषि सिंह की सुरमयी प्रस्तुति के साथ हुआ। 19 फ़रवरी से 21 फ़रवरी, 2026 तक चले इस भव्य महोत्सव में देशभर से आए छात्र-छात्राओं ने तकनीकी कौशल, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी बहुमुखी प्रतिभा के दम पर लाखों रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम की। तीन दिनों तक चले इस उत्सव ने परिसर को ऊर्जा, उत्साह और नवाचार के रंगों से सराबोर कर दिया, वहीं अंतिम संध्या में ऋषि सिंह के गीतों ने समापन समारोह को यादगार बना दिया।
19 फ़रवरी की सुबह टेक-फेस्ट के प्रमुख तकनीकी इवेंट ‘टेक-लैब’ का विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में श्री शशधर दास (प्लांट हेड – अडानी पावर, रायगढ़) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अभय कुमार समैय्यार (प्लांट हेड – DCPP) ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। यह आयोजन कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार, श्री सुधीर राय, कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने अपने संबोधन में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘टेक-लैब’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी दक्षता, नवाचार क्षमता और रचनात्मक सोच को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुखी शिक्षा प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। उद्घाटन अवसर पर श्री शशधर दास ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच युवाओं को नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। विशिष्ट अतिथि श्री अभय कुमार समैय्यार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ समस्या-समाधान क्षमता और टीमवर्क भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने कौशल को निखारने और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

शाम को ‘टेक-फेस्ट’ के सांस्कृतिक कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री अजय कुमार पांडेय (सीईओ–JPL) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री पिनाकी भट्टाचार्य (वीपी–जिंदल स्टील), श्री अमित खोखर (ईवीपी–जिंदल स्टील), श्री आशीष कुमार (सीएचआरओ–जिंदल स्टील, रायगढ़), डॉ. आर. डी. पाटीदार (कुलपति–ओपीजेयू), डॉ. अनुराग विजयवर्गीय (कुलसचिव–ओपीजेयू), डॉ. राकेश नायक एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के आरंभ में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया और टेक-फेस्ट की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। अपने संदेश में कुलपति डॉ. आर. डी. पाटीदार ने सभी का अभिनंदन करते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, उद्योग-संवाद, स्टार्टअप प्रोत्साहन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि जिंदल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल जी एवं ओपीजेयू की चांसलर श्रीमती शालू जिंदल जी के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय में आधुनिक प्रयोगशालाएँ, उद्योग सहयोग से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम, नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहलें तथा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में छात्रों की सक्रिय भागीदारी इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। मुख्य अतिथि अजय कुमार पांडेय ने अपने तकनीकी अनुभव और औद्योगिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी और तकनीक-प्रधान युग में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक समझ ही वास्तविक सफलता की कुंजी है। उन्होंने महोत्सव में भाग ले रहे प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी नवीनतम सोच, तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान करते हैं। कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ओपीजेयू अपने विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे और विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में सहायक सिद्ध होंगे। अंत में, टेक-फेस्ट के प्रमुख संयोजक डॉ. राकेश नायक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने अपने अभिभाषण में आयोजनों की सफलता के पीछे योगदान देने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थाओं को विशेष रूप से याद किया। डॉ. नायक ने कहा कि इस तीन दिवसीय महोत्सव ‘टेक्नोएम्बिशन-26’ में सफलता केवल प्रतिभागियों की मेहनत और प्रतिभा का परिणाम नहीं है, बल्कि इसे विश्वविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति, तकनीकी टीम, स्वयंसेवकों और सभी सहयोगियों के समर्पित प्रयासों से भी संभव बनाया गया।

‘टेक्नोएम्बिशन-26’ के तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान लगभग 15 तकनीकी और गैर-तकनीकी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रमुख प्रतियोगिताओं में तकनीकी मॉडल प्रदर्शनी, रोबोटिक्स गेम्स, आइडिएशन एवं पेपर प्रेजेंटेशन, वॉइस ऑफ यूथ, बिज़नेस प्लान–स्टार्टअप, रोडीज, एग्जीबिशन, AIMA बिज़नेस क्विज़, रोबोवार, बीट द बैटल्स और अंतरागिनी–सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ शामिल थीं। व्यवस्थापन, नवाचार, तकनीकी कौशल और व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित इस महोत्सव में देशभर के लगभग दो हजार प्रतिभागियों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। तीनों दिनों तक चलने वाले सभी कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के पूंजीपथरा परिसर में किया गया, जहाँ परिसर उत्साह और उमंग से सराबोर रहा।
टेक-फेस्ट के तीसरे दिन, 21 फ़रवरी की संध्या में पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह का आयोजन किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि श्री प्रकाश सप्पा (प्लांट हेड–JSW, झारसुगुड़ा) रहे। मुख्य अतिथि श्री प्रकाश सप्पा ने ओपीजेयू के प्रशासन, आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल विश्वविद्यालय की छवि में वृद्धि होती है, बल्कि यह छात्रों को उनके भविष्य के लिए तैयार करने में भी अत्यंत सहायक सिद्ध होते हैं। समापन समारोह के दौरान ‘टेक्नोएम्बिशन-26’ की सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह ने महोत्सव को भव्य और उत्साहपूर्ण समापन प्रदान किया, तथा प्रतिभागियों की मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता दी।
पुरस्कार वितरण के पश्चात महोत्सव का अंतिम आकर्षक कार्यक्रम ‘जूनून’ (सेलिब्रिटी नाइट) आयोजित किया गया। तीन दिवसीय टेक-फेस्ट का यह सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों और अतिथियों के लिए उत्साह और मनोरंजन का केंद्र बन गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ऋषि सिंह का लाइव संगीत प्रदर्शन रहा, जिसने समापन समारोह में उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। उनके गीतों में भाव, ऊर्जा और उत्साह का अद्भुत मिश्रण था, जिसने पूरे मंच और परिसर में उत्सव का माहौल पैदा कर दिया। ऋषि सिंह के संगीत संयोजन ने इस प्रस्तुति में नई जान फूँक दी। उनके गीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और रात को यादगार बना दिया। ऋषि सिंह का लाइव प्रदर्शन न केवल महोत्सव के समापन के लिए एक शानदार बिंदु साबित हुआ, बल्कि तीन दिनों तक चले तकनीकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उत्साह को चरम पर पहुँचाते हुए सभी प्रतिभागियों और दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया।


